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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 20, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राजनाथ ने अक्‍साई चीन पर चीन के कब्‍जे को बताया अवैध

By Kamal VermaEdited By:
Published: Thu, 20 Nov 2014 08:35 PM (GMT+05:30)Updated: Thu, 20 Nov 2014 09:18 PM (GMT+05:30)

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अक्‍साई चीन के हिस्‍से पर चीन के कब्‍जे को अवैध करार दिया ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अक्साई चीन के हिस्से पर चीन के कब्जे को अवैध करार दिया है। उन्होंने कहा है कि बार बार भारतीय सीमा के अंदर हो रही चीनी घुसपैठ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने के लिए ठीक नहीं है। यह घटनाएं भारत के साथ संबंधों के दृष्टिकोण से उचित नहीं है। लद़दाख में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि लद़दाख और तिब्बत दोनों ही भाजपा के दिलों के बेहद करीब हैं।

रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की गलत नीतियों के चलते ही भारत ने चीन और पाकिस्तान के हाथों अपने कीमती क्षेत्रों को खो दिया। कांग्रेस समेत अन्य दलों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वह लद्दाख को कोल्ड डेजर्ड से ज्यादा कुछ नहीं मानते हैं। कांग्रेस ने चीन के हाथों तिब्बत को गंवाया जो कि दोनों देशों के बीच बफर स्टेट के तौर पर काम करता था और पाकिस्तान ने अक्साई चीन क्षेत्र को चीन को सौंप दिया।

गृह मंत्री ने कहा कि भारत अपने पड़ोसियों के साथ बेहतर संबंध बनाए रखना चाहता है लेकिन पड़ोसियों की ओर से भी ऐसा ही संकेत दिया जाना चाहिए। चीन ने अवैध तौर पर आक्साई चीन क्षेत्र पर कब्जा कर लिया और चीनी सेना की ओर से घुसपैठ की घटनाएं पड़ोसियों के साथ बेहतर संबंध बनाए रखने में मुश्किलें पेश कर रहा है। राजनाथ ने कहा कि लद्दाख एक आकर्षक ग्लोबल टूरिस्ट स्थल के तौर पर विकसित हो सकता है। यदि इसी विजन को ध्यान में रखकर क्षेत्र को विकसित किया जाए तो यहां टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं।

अपने संबोधन में उन्होंने जम्मू कश्मीर में लागू धारा 370 पर सभी दलों के बीच विचार करने को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि इसकी वजह से केंद्र कई सारी योजनाओं को यहां पर लागू नहीं करवा पाता है। इसकी वजह से यह राज्य अन्यों की तुलना में पिछड़ जाता है। इस लिए यह जरूरी है कि इस पर कोई भी फैसला लेने के लिए धारा 370 पर सभी दलों के बीच गहन मंथन हो।

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