यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 28, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
छोटा राजन फर्जी पासपोर्ट मामले में आरोपी पहुंची हाईकोर्ट
दिल्ली की निचली अदालत ने ललिता समेत दो अन्य सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ 8 जून को धोखाधड़ी व आपराधिक साजिश रचने समेत अन्य धाराओं में आरोप तय किया था।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन का फर्जी पासपोर्ट बनाने के मामले में आरोपी महिला (62) ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। बेंगलुरु पासपोर्ट ऑफिस से रिटायर्ड ललिता लक्ष्यमनन ने अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक व भ्रष्टाचार का मुकदमा रद करने की मांग की है।
दिल्ली की निचली अदालत ने ललिता समेत दो अन्य सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ 8 जून को धोखाधड़ी व आपराधिक साजिश रचने समेत अन्य धाराओं में आरोप तय किया था। तीनों पर छोटा राजन का मोहन कुमार नाम से फर्जी पासपोर्ट बनाने का आरोप है। राजन तिहाड़ जेल में है, जबकि तीनों आरोपी जमानत पर हैं। ललिता ने अदालत को बताया कि छोटा राजन का फर्जी पासपोर्ट बेंगलुरु में 1998-1999 में बना था, जो निचली अदालत के अधिकार क्षेत्र से बाहर है।
सीबीआइ ने उनके खिलाफ कार्रवाई करने से पूर्व पासपोर्ट अधिनियम व आपराधिक प्रक्रिया के तहत अनुमति भी नहीं ली। उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए साक्ष्य नहीं है। दो घंटे के दौरान करीब 300 आवेदनों की जांच करनी होती थी। ऐसे में उन्हें दोषी नहीं ठहराया जा सकता है।
