यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 29, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भड़काऊ भाषण मामले में केंद्र ने किया स्वामी की याचिका का विरोध
भड़काऊ भाषण और लेख के मामले में केंद्र ने भाजपा नेता सुब्रह्माण्यम स्वामी की याचिका का सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ...और पढ़ें

नई दिल्ली। भड़काऊ भाषण और लेख के मामले में केंद्र ने भाजपा नेता सुब्रह्माण्यम स्वामी की याचिका का सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में विरोध करते हुए कहा कि यह सुनवाई के योग्य नहीं है। स्वामी ने इस याचिका में आईपीसी के कुछ प्रावधानों की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी थी।
केंद्र सरकार की तरफ सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार ने न्यायमूर्ति अनिल आर. दवे और आदर्श कुमार गोयल की पीठ के समक्ष कहा कि यह रिट याचिका नहीं, बल्कि व्यक्तिगत हित से जुड़ी याचिका है। दरअसल, भड़काऊ भाषण के मामले में उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो चुका है और वह इससे पीड़ित हैं।
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इस पर पीठ ने उनसे पूछा कि क्या वारंट के गैर जमानती से जमानती बनाने से उनका उद्देश्य पूरा होगा? इस पर स्वामी ने सॉलिसिटर जनरल के तर्क का विरोध करते हुए कहा उनकी याचिका को न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ पहले ही स्वीकार कर चुकी है, जिसमें आईपीसी की धारा 156(3) की संवैधानिक वैधता को जांचने की बात कही गई थी। इसका जमानती वारंट से कोई लेना-देना नहीं है।
