यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 21, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
महाराष्ट्र में भाजपा को साथी की दरकार, दीवाली बाद बनाएगी सरकार!
महाराष्ट्र में भाजपा को समर्थन देने के मुद्दे पर अभी तक शिवसेना ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। वहीं भाजपा ...और पढ़ें

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में भाजपा को समर्थन देने के मुद्दे पर अभी तक शिवसेना ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। वहीं भाजपा भी इस संबंध में शिवसेना के रुख का इंतजार कर रही है। इसके चलते एक बार फिर भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और जेपी नड्डा ने आज होने वाला मुंबई दौरा टाल दिया है। कल भी शिवसेना का रुख जांचने के चलते भाजपा ने यह दौरा रद कर दिया था। लेकिन आज भी स्थिति यथावत है। फिलहाल दोनों ही पार्टियां पहले आप, पहले आप पर लगी हुई हैं।
महाराष्ट्र के बदलते राजनीतिक परिवेश में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा है कि पार्टी अपने स्वाभिमान के साथ कोई समझौता नहीं करने वाली है। दूसरी और पार्टी की तरफ से यह भी बात सामने आई है कि अब भाजपा महाराष्ट्र में भाजपा की सरकार बनाने और नए सीएम का नाम दीवाली के बाद ही तय करेगी। इस दौरान वह शिवसेना के रवैये पर भी नजर रखेगी। वहीं शिवसेना ने एनसीपी द्वारा भाजपा को समर्थन देने पर उसे मौकापरस्त बताया है।
फिलहाल राज्य में सरकार के मुखिया के तौर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र फड़नवीस का नाम सबसे आगे है। इसके अलावा विनोद तावड़े और एकनाथ खड़से का भी नाम चर्चा में है।
सरकार को समर्थन देने के मुद्दे पर शिवसेना का कहना है कि वह पहले भाजपा का रुख जानना चाहती है। पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे का कहना है कि वह सही समय पर सही फैसला लेंगे।
गौरतलब है कि शिवसेना की सोमवार को भाजपा को समर्थन देने के मुद्दे पर बैठक भी हुई थी। लेकिन इसमें कोई फैसला नहीं लिया गया। यह बैठक उद्धव ठाकरे के औपचारिक स्वागत के साथ ही खत्म हो गई। शिवसेना दरअसल इस मुद्दे पर चाहती है कि पहले भाजपा उनसे संपर्क करे और समर्थन की दरकार करे। वह अपने को एक बार फिर से राज्य में बड़े भाई के दर्जे में ही रखना चाहती है, जो भाजपा को बर्दाश्त नहीं है।
