यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 20, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आसाराम के दो सहयोगियों ने समर्पण किया
जयपुर [जागरण न्यूज नेटवर्क]। नाबालिग छात्रा के यौनशोषण मामले में जेल में बंद कथावाचक आसाराम के दो सहयोगियों शरत चंद्र ...और पढ़ें

जयपुर [जागरण न्यूज नेटवर्क]। नाबालिग छात्रा के यौनशोषण मामले में जेल में बंद कथावाचक आसाराम के दो सहयोगियों शरत चंद्र व प्रकाश ने शुक्रवार को जोधपुर की जिला व सत्र अदालत के समक्ष समर्पण कर दिया। अदालत ने दोनों को पुलिस हिरासत में भेज दिया। आरोपी शरत चंद्र ंिछंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) स्थित गुरुकुल का संचालक जबकि प्रकाश रसोइया है। छात्रा इसी गुरुकुल के छात्रावास में रहती थी।
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एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों आसाराम के जोधपुर आश्रम में गत 15 अगस्त को हुए छात्रा के यौनशोषण मामले में शामिल रहे हैं और पुलिस को इनकी तलाश थी। दोनों ने अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की थी, लेकिन गुरुवार को अर्जी वापस ले ली। गौरतलब है कि शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश) की रहने वाली छात्रा का परिवार आसाराम का अनुयायी था।
मुकदमा दर्ज होने के बाद जोधपुर पुलिस ने एक सितंबर को इंदौर में आसाराम को गिरफ्तार कर लिया था। कथावाचक का एक अन्य सहयोगी शिवा भी पुलिस की गिरफ्त में है। छिंदवाड़ा छात्रावास की वार्डन शिल्पी को अभी गिरफ्तार किया जाना बाकी है।
राजाजी पार्क ने भी की कार्रवाई
हरिद्वार। हरिपुरकलां गांव स्थित आसाराम के आश्रम पर राजाजी राष्ट्रीय पार्क ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पार्क की टीम शुक्रवार को हरिपुरकलां पहुंची और आसाराम संचालकों की ओर से पार्क की भूमि पर अवैध कब्जा करने को लगाई 50 मीटर तारबाड़ को हटा दिया। मालूम हो कि दिल्ली और नई टिहरी स्थित आसाराम के आश्रमों की भी जांच चल रही है।
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