यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 05, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जानिए, विधानसभाओं में कितने मंत्रियों के खिलाफ है अपराधिक मामले
विधानसभाओं के 609 मंत्रियों में से 210 (34 फीसद) के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से 113 मंत्रियों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज है।

नई दिल्ली, प्रेट्र। एक ताजा शोध के अनुसार विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं के 34 फीसद मंत्रियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। जबकि 76 फीसद मंत्री औसतन 8.59 करोड़ की संपत्ति के साथ करोड़पति हैं।
दिल्ली के एक थिंक-टैंक एसोसिएशन फार डेमोक्रैटिक रिफार्म (एडीआर) ने अपने शोध में शुक्रवार को बताया कि 29 विधानसभाओं और दो संघ शासित प्रदेशों के कुल 620 मंत्रियों में से 609 मंत्रियों की जानकारियों का विश्लेषण किया गया है। विधानसभाओं के 609 मंत्रियों में से 210 (34 फीसद) के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से 113 मंत्रियों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले जैसे हत्या, हत्या का प्रयास, अपहरण और महिलाओं के खिलाफ अपराध दर्ज है। जिन राज्यों से सर्वाधिक मंत्री आपराधिक रिकार्ड वाले हैं उसमें झारखंड के 9, दिल्ली के 4, तेलंगाना के 9, महाराष्ट्र के 18, बिहार के 11 और उत्तराखंड के 2 हैं।
इसी तरह लोकसभा और राज्यसभा से कुल 78 केंद्रीय मंत्रियों में से 24 (31 फीसद) ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। इनमें से भी 14 मंत्रियों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
विधानसभाओं के 609 मंत्रियों में से 462 (76 फीसद) करोड़पति हैं। सबसे अधिक संपत्ति रखने वाले मंत्रियों में तेलुगुदेशम पार्टी के पोंगुरु नारायण के पास सर्वाधिक 496 करोड़ रुपये की संपत्ति है। सबसे अमीर मंत्रियों में दूसरे स्थान पर कांग्रेस के डीके शिवकुमार (251 करोड़ रुपये) हैं।
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संपत्ति का सबसे अधिक औसत आंध्र प्रदेश में है। जहां 20 मंत्रियों के पास औसतन 45.49 करोड़ रुपये की संपत्ति है। इसके बाद दूसरे नंबर पर कर्नाटक के 31 मंत्रियों के पास औसतन 36.96 करोड़ रुपये की संपत्ति है। तीसरे स्थान पर अरुणाचल प्रदेश है जहां सात मंत्रियों के पास औसतन 32.62 करोड़ रुपये की संपत्ति है। सबसे कम औसत वाला राज्य त्रिपुरा है जहां 12 मंत्रियों के पास 31.67 लाख रुपये की संपत्ति है।
जिन राज्यों के मंत्रियों का विश्लेषण किया गया है उसमें अरुणाचल प्रदेश, पंजाब और पुडुचेरी में 100 फीसद करोड़पति हैं। इसके बाद कर्नाटक में 97 फीसद करोड़पति, राजस्थान, गोवा और मेघालय में 92 फीसद और छत्तीसगढ़ में सबके पास एक करोड़ या उससे अधिक की संपत्ति है।
