यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 20, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अखिलेश-मुलायम को 250 रु में किया जा रहा डिलीट
इंटरमीडिएट पास कर उच्च शिक्षा के लिए दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को सरकार ने लैपटाप तो पकड़ा दिए, लेकिन अब ...और पढ़ें

हरदोई। इंटरमीडिएट पास कर उच्च शिक्षा के लिए दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को सरकार ने लैपटाप तो पकड़ा दिए, लेकिन अब लैपटाप से 'सरकार' को ही बाहर किया जा रहा है। महज ढाई सौ रुपये में सरकारी लैपटाप से सूबे के मुखिया अखिलेश यादव और सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के चित्र को डिलीट किया जा रहा है।
विधानसभा चुनाव के लिए जारी सपा के घोषणा पत्र में इंटरमीडिएट पास कर आगे की पढ़ाई जारी रखने वालों को नि:शुल्क लैपटाप देने का वादा किया गया था। युवाओं का रुख सपा की ओर रहा तो नतीजे में सपा की सरकार ने हुकूमत संभाली। सत्ता मिली तो सपा ने भी वादा निभाया और इंटर पास कर स्नातक में प्रवेश लेने वालों को लैपटाप दिए। प्रदेश में अब तक लगभग 11 लाख विद्यार्थियों को लैपटाप वितरित किए जा चुके हैं।
सरकार को लगा कि वादा पूरा करने का यशोगान भी जरूरी है, लिहाजा नीति निर्धारकों ने लैपटाप में ऐसी व्यवस्था करा दी कि लैपटाप का स्विच आन होते ही मुख्यमंत्री के साथ सपा मुखिया मुलायम सिंह की फोटो भी सामने आ जाती है।
दावा किया गया था कि सरकार की ओर से वितरित लैपटाप से यह दोनों फोटो हटाई नहीं जा सकेंगी। तकनीक का खजाना हाथ लगते ही विद्यार्थियों ने सबसे पहले सरकारी लैपटाप पर ही शोध कर डाला। मदद की बाजार में तकनीक बेचने वालों ने सबसे ज्यादा शोध इस पर हुआ कि सरकारी लैपटाप से 'सरकार' को कैसे बाहर किया जाए। खोज की गई तो पता चला कि यह बहुत आसान है। नतीजा यह हुआ कि अब बाजार से लेकर कंप्यूटर शिक्षा के संस्थानों तक में महज ढाई सौ रुपये में सरकार यानी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सपा के मुखिया मुलायम सिंह यादव की फोटो डिलीट की जा रही है। न सिर्फ फोटो डिलीट हो रही है, बल्कि लैपटाप अपग्रेड भी किए जा रहे हैं।
ऐसे डिलीट हो रही फोटो
शहर में ही कंप्यूटर की खामियों को दूर करने के साथ-साथ तकनीकी ज्ञान बांटने वाले एक संस्थान के संचालक की मानें तो बायोस [बेसिक इनपुट आउटपुट सिस्टम] में नए सिरे से साफ्टवेयर अपलोड करते ही इसमें पड़ा पुराना डाटा साफ हो जाता है। दरअसल कोई भी कंप्यूटर या लैपटाप का स्विच आन करते ही सिस्टम सीधे बायोस पर जाता है। बायोस में ही रैम और अन्य लिंक पड़े होते हैं। इतना ही नहीं सरकार ने जो लैपटाप वितरित किए हैं उनमें विंडोज-7 इंस्टाल है, जिसे विद्यार्थी विंडोज-8 में बदलवा कर अपग्रेड करवा रहे हैं।
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