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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 11, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

तीसरे मोर्चे को समर्थन से 'आप' का इन्कार

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Published: Sun, 11 May 2014 06:36 PM (IST)Updated: Mon, 12 May 2014 07:33 AM (IST)

आम आदमी पार्टी [आप] के नेता अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि उनकी पार्टी चुनाव के बाद किसी मोर्चे की ...और पढ़ें

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नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। आम आदमी पार्टी [आप] के नेता अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि उनकी पार्टी चुनाव के बाद किसी मोर्चे की सरकार को समर्थन नहीं करेगी। पार्टी के नेता गोपाल राय के बयान से उपजे विवाद के बाद पार्टी को सफाई देनी पड़ी है। राय ने कहा था कि पार्टी ऐसी सरकार को सशर्त समर्थन पर विचार कर सकती है।

इस बारे में विवाद के बाद खुद केजरीवाल ने आगे आकर मामले को ठंडा करने की कोशिश की। उन्होंने ट्वीट कर इस पूरे मामले पर मीडिया पर ही ठीकड़ा फोड़ दिया। केजरीवाल ने कहा, 'ऐन मौके पर मीडिया हमारे बारे में ऐसी अफवाहें फैलाएगा। मैं लोगों से अपील करूंगा कि वे इन बातों पर यकीन नहीं करें। तीसरे मोर्चे को समर्थन करने का कोई सवाल ही नहीं।'

इसी तरह पार्टी ने भी बयान जारी कर कहा कि पार्टी ने लोकसभा का चुनाव वैकल्पिक राजनीति का मॉडल पेश करने के लिए लड़ा है। इसने कहा है कि तीसरा मोर्चा हो या चौथा मोर्चा, पार्टी ऐसे किसी गठबंधन को समर्थन नहीं कर सकती, जिसमें भ्रष्टाचार के आरोपी नेता शामिल हों। पार्टी ऐसे किसी मोर्चे का न तो हिस्सा होगी और ना ही उसे समर्थन करेगी।

इससे पहले एजेंसी की खबर में कहा गया था कि पार्टी नेता गोपाल राय ने माना है कि चुनाव के बाद तीसरे मोर्चे की सरकार की संभावना बनी तो पार्टी मुद्दों के आधार पर समर्थन देने पर विचार कर सकती है। अब पार्टी का कहना है कि यह बयान तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है।

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