यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 17, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अनावश्यक मुद्दे पर समय बर्बाद कर रही कांग्रेस : गोपाल राय
कांग्रेस पार्टी मुद्दों से पूरी तरह दूर हो गई है। किसी संगठन के पास विचार करने के लिए मुद्दे जब ...और पढ़ें

नई दिल्ली [गोपाल राय, नेता, आप]। कांग्रेस पार्टी मुद्दों से पूरी तरह दूर हो गई है। किसी संगठन के पास विचार करने के लिए मुद्दे जब खत्म हो जाते हैं तो सारी चर्चा ऐसे अनावश्यक बिंदुओं पर होने लगती है कि पार्टी में किस व्यक्ति को क्या जिम्मेदारी दी जाए? देश में फिर चुनाव हो रहे हैं। ऐसे में पार्टी जनता के बीच फिर कुछ वादे तो करेगी। अपनी नीतियों के बारे में दावे करेगी। मगर क्या ये उन नीतियों से अलग होगी, जो उन्होंने पिछले दस साल में लागू की हैं? इस पार्टी को दस साल मिले अपनी नीतियों को लागू करने के लिए और आम आदमी की जिंदगी में बदलाव लाने के लिए। लेकिन, पूरा देश जानता है कि उन्होंने कोई सकारात्मक बदलाव लाने के बजाय नकारात्मक विकास ही किया।
आम आदमी पार्टी के उदय के बाद एक नए तरह का संकट देश की दोनों बड़ी पार्टियों के सामने आ खड़ा हुआ है। देश की राजनीति दो खेमों में बंट गई है। एक तरफ वे ताकतें हैं जो समाज के विखंडन को ही अपनी राजनीति का आधार बना रही हैं। दूसरी तरफ आम आदमी के मान-सम्मान और खुशहाली के लिए जद्दोजहद करने की बात हो रही है। भाजपा अपने संगठन और विचारधारा के बौनेपन को छुपाने के लिए मोदी को सामने लाकर सारा दांव उन्हीं पर लगा रही है। जबकि, कांग्रेस इस आत्ममंथन में है कि बिखराव के इस दौर में वह राहुल पर दांव लगाए या नहीं। दिल्ली में पार्टी ने जिस तरह शीला दीक्षित पर उनके इतने लंबे कुशासन के बाद भी दांव लगाया, उसका हस्न देख चुकी है।
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