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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 04, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

14 साल बाद गोधरा दंगे के 31 आरोपी बरी

By Gunateet OjhaEdited By:
Published: Mon, 04 Apr 2016 09:57 PM (IST)Updated: Mon, 04 Apr 2016 10:10 PM (IST)

गुजरात के दीसा जिले के कोर्ट ने 2002 में गोधरा कांड के बाद हुए दंगे के दो मामलों में 31 आरोपियों को सोमवार को बरी कर दिया।

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बनासकांठा। गुजरात के दीसा जिले के कोर्ट ने 2002 में गोधरा कांड के बाद हुए दंगे के दो मामलों में 31 आरोपियों को सोमवार को बरी कर दिया।

आरोपियों के खिलाफ उत्तरी गुजरात के थारा गांव में लूटपाट और आगजनी के मामले दर्ज किए गए थे। सेशंस जज एनएम परमार ने बरी करने का फैसला सुनाया। उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सुबूत नहीं हैं। 28 फरवरी 2002 को गोधरा में ट्रेन जलाने की घटना के एक दिन बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने थारा में बंद आयोजित किया था।

इस दौरान गांव में हिंसा भड़क गई और राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित 20 दुकानें जला दी गईं। उसी शाम को करीब तीन दर्जन घरों को क्षतिग्रस्त किया गया और उन्हें आग के हवाले कर दिया गया। हालांकि इसमें किसी की जान नहीं गई। घटना के बाद पुलिस ने दो अलग-अलग मामले दर्ज किए लेकिन इनमें किसी को नामजद नहीं किया गया।

गुजरात हाईकोर्ट ने मामले की फिर से जांच का आदेश दिया। इसके बाद दोनों मामले में 31 और 33 आरोपियों के नाम जोड़े गए। दोनों मामले में अधिकतर लोगों को आरोपी बनाया गया। मुकदमे के दौरान तीन आरोपियों की मौत हो गई। जबकि अन्य जमानत पर रिहा हो गए।

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