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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 18, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दिन भर भटके स्पाइसजेट के यात्री

By Rajesh NiranjanEdited By:
Published: Thu, 18 Dec 2014 07:02 AM (IST)Updated: Thu, 18 Dec 2014 07:05 AM (IST)

स्पाइसजेट के यात्रियों के लिए मंगलवार की तरह बुधवार का दिन भी दुस्वप्न साबित हुआ। दिन भर इसकी तमाम उड़ानें ...और पढ़ें

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नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। स्पाइसजेट के यात्रियों के लिए मंगलवार की तरह बुधवार का दिन भी दुस्वप्न साबित हुआ। दिन भर इसकी तमाम उड़ानें ठप रहीं और यात्री बेहाल रहे। हालात के लिए जहां स्पाइसजेट ने तेल कंपनियों पर तोहमत मढ़ी, वहीं तेल कंपनियों ने स्पाइसजेट को जिम्मेदार ठहराया। चार बजे उड़ानें बहाल करने का वादा करने वाली स्पाइसजेट अंतत: शाम पांच बजे ऐसा कर सकी। इस बीच देर शाम स्पाइसजेट के एक पूर्व प्रमोटर अजय सिंह की विमानन सचिव वी. सोमसुंदरम से मुलाकात ने स्पाइसजेट के संकट के समाधान की उम्मीदें जगा दी हैं। अजय सिंह ने स्पाइसजेट में पुन: निवेश की इच्छा के संकेत दिए हैं।

बुधवार को स्पाइसजेट ने दिन की 243 में से 150 उड़ानें रद कर दीं। हालांकि एयरलाइन के अनुसार तेल मिलने के बाद उसने 75 उड़ानें संचालित कीं। परंतु इससे यात्रियों दिक्कतें कम नहीं हुईं और दिल्ली, मुंबई तथा पुणे में एयरलाइन स्टाफ के साथ यात्रियों की झड़पें हुईं। दिल्ली में तो स्टाफ का घेराव भी किया गया। स्पाइस जेट सीईओ संजीव कपूर ने इसके लिए ट्वीट कर यात्रियों से माफी मांगी। उन्होंने चार बजे के बाद उड़ानें शुरू होने का वादा किया। परंतु वस्तुत: ये पांच बजे शुरू हो पाईं। स्पाइसजेट का कहना था कि विमानन मंत्रालय के कहने के बावजूद तेल कंपनियां आदेश मिलने के इंतजार में उसे नकद भुगतान के बगैर एटीएफ देने से मना कर रही हैं। जबकि तेल कंपनियों का कहना था कि अब तक एयरलाइन ने तेल की मांग ही नहीं की है। एयरलाइन ने एहतियातन उड़ानें रद की हैं। एक तेल कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'उन्होंने दिन भर तेल की मांग नहीं की। अब वे आए हैं तो हम उन्हें तेल दे रहे हैं।' गौरतलब है कि स्पाइस जेट पहले भारत पेट्रोलियम से तेल लेती थी। परंतु छह महीने पहले उसने ङ्क्षहदुस्तान पेट्रोलियम और रिलायंस से तेल लेना शुरू कर दिया। इस बीच मुंबई शेयर बाजार में स्पाइसजेट के शेयरों में आठ फीसद से अधिक गिरावट आ गई। फलस्वरूप स्टॉक एक्सचेंज ने एयरलाइन से स्पष्टीकरण मांग लिया। परंतु कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

गौरतलब है कि विमानन मंत्रालय ने मंगलवार को छह सूत्री फार्मूले के तहत तेल कंपनियों से स्पाइसजेट को 15 दिन का एटीएफ उधार में देने को कहा था। स्पाइसजेट रोजाना पांच करोड़ का एटीएफ इस्तेमाल करती है। और पंद्रह दिन का तेल 75 करोड़ का बैठता है। स्पाइसजेट पर तेल कंपनियों पर 14 करोड़ बकाया है। फार्मूले के तहत सरकार ने स्पाइस जेट को आठ हफ्ते में इक्विटी खरीदार तलाशने, बैंकों से उसे सन गु्रप के चेयरमैन कलानिधि मारन की गारंटी पर 600 करोड़ रुपये कर्ज देने, वित्त मंत्रालय से विदेशी वाणिज्यिक कर्ज की विशेष अनुमति देने तथा डीजीसीए से 31 मार्च, 2015 तक बुकिंग की अनुमति देने को कहा था। स्पाइस जेट पर 2000 करोड़ से अधिक की देनदारियां हैं। कंपनी के सीएफओ एसएल नारायण ने कहा कि प्रमोटरों ने अपनी तरफ से जितनी संभव थी पंूजी लगाई है। वे कारोबार छोड़कर भागना नहीं चाहते। लेकिन डीजीसीए की पाबंदी के बाद यात्री ही नहीं, निवेशक और बैंक भी हमारा साथ नहीं दे रहे। यही वजह है कि हमें सरकार से गुहार लगानी पड़ी। सरकार ने बड़ी राहत दी है। लेकिन असर दिखने में कुछ समय लगेगा।

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स्पाइस जेट के पर कतरे