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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 17, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जागरूकता बढ़ेगी तो बंद होंगी शराब की दुकानें: रघुवर

By Sachin MishraEdited By:
Published: Sun, 17 Sep 2017 12:11 PM (IST)

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है किलोगों में जैसे-जैसे जागरूकता आएगी, शराब स्वत: स्फूर्त बंद हो जाएगी।

जागरूकता बढ़ेगी तो बंद होंगी शराब की दुकानें: रघुवर
जागरूकता बढ़ेगी तो बंद होंगी शराब की दुकानें: रघुवर

राज्य ब्यूरो, रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि शराब समाज के लिए कोढ़ है। यह घर-परिवार को बर्बाद करता है। सरकार इसे रोकने की दिशा में प्रयासरत है। शराब मुक्त पंचायतों को एक-एक लाख रुपये देने की घोषणा सरकार ने की है। सरकार का मानना है कि लोग शराब छोड़ें और गो पालन करें। इससे उनकी आमदनी भी बढ़ेगी और बच्चे हृष्ट-पुष्ट बनेंगे।

सरकार ने इसे केंद्र में रखकर 90 फीसद अनुदान पर 26 हजार बीपीएल महिलाओं को गाय देने का काम किया है। लोगों में जैसे-जैसे जागरूकता आएगी, शराब स्वत: स्फूर्त बंद हो जाएगी। दुकानों की संख्या घटती चली जाएगी। मुख्यमंत्री शनिवार को गरीब कल्याण मेला को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 2022 तक झारखंड विकसित राज्यों में शुमार होगा। तब न तो कोई बेघर होगा, न बेरोजगारी होगी और न ही गरीबी।

उन्होंने कहा कि राज्यवासियों को स्वराज मिला है, अब उन्हें सुराज देने की कोशिश है। विकास से कोई भी अछूता न रहे, सरकार की इस सोच के साथ आगे बढ़ रही है। राजधानी रांची की ही तरह हर जिले में गरीब कल्याण मेले का आयोजन इसकी बानगी है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम तथा संताल में आज भी शैक्षणिक पिछड़ेपन है। कई जिलों के लोग आज भी कर्ज की गिरफ्त में हैं। गहने-जेवर गिरवी रख रहे हैं। कई मामलों में अपने बच्चों को बिचौलियों को सौंप रहे हैं। सरकार की नजर हर ओर है। यह सरकार गरीबों, दलितों और आदिवासियों के उत्थान पर पूरा खजाना लुटाने को प्रतिबद्ध है।

सीएम ने कहा कि इसी तरह प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा से 4.94 लाख परिवारों को जोड़ा गया है। 16.97 लाख किसानों को 250.65 करोड़ रुपये का फसल बीमा दिया गया है। अबतक एक करोड़ एक लाख गरीबों का सरकार बैंक खाता खुलवा चुकी है। इसमें से 87 फीसद की आधार सीडिंग हो चुकी है। 4.72 लाख युवक-युवतियों को 2050 करोड़ रुपये का मुद्रा लोन दिया गया है। विकास योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक पर 300 आईटी प्रोफेशनल्स बहाल किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य के सभी गांवों में 32 हजार को-आर्डिनेटर बहाल किए गए हैं। हर को-आर्डिनेटर को 15-15 महिला उद्यमी बनाने का टास्क दिया गया है। सरकार इन्हें न सिर्फ तौलिया, कंबल आदि बनाने का प्रशिक्षण देगी, बल्कि उनका उत्पाद खरीदने का भी काम करेगी। इससे पूर्व संसदीय कार्य मंत्री सरयू राय ने अपने स्वागत भाषण में देश की बढ़ती अर्थ व्यवस्था के समानांतर आम जनता के विकास की परिकल्पना को रेखांकित किया। साथ ही क्षेत्रीय विषमता को दूर करने की दिशा में सरकार के प्रयासों को सराहा।

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