यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 13, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
डीसी लाइन व झरिया पर रघुवर व मोदी सरकार को घेरेगी कांग्रेस
झारखंड प्रदेश कांग्रेस धनबाद-चंद्रपुरा रेललाइन बंदी व झरिया विस्थापन को लेकर राज्य व केंद्र सरकार को घेरेगी।

जागरण संवाददाता, धनबाद। झारखंड प्रदेश कांग्रेस धनबाद-चंद्रपुरा (डीसी) रेललाइन बंदी, आरएसपी कॉलेज शिफ्टिंग व झरिया विस्थापन को लेकर राज्य व केंद्र सरकार को सड़क से लेकर दिल्ली तक घेरेगी। पार्टी इन्हें बड़ा मुद्दा बनाएगी। डीसी रेललाइन बंदी, आरएसपी कॉलेज शिफ्टिंग व झरिया विस्थापन को देखने व समझने के लिए मंगलवार को धनबाद दौरे पर आए प्रदेश कांग्रेस प्रभारी आरपीएन सिंह ने ये बातें सर्किट हाउस में कही। उनके साथ प्रदेश अध्यक्ष सुखदेव भगत, पूर्व सांसद सुबोधकांत सहाय, सरफराज अहमद व आलमगीर आलम भी थे।
सिंह ने कहा कि कतरास का दौरा कर तेतुलिया में रेल टैक देखा। कतरास में लोगों से मिलकर रेल लाइन बंदी का हाल जाना। एक झटके में 34 किमी डीसी रेललाइन बंद हो जाने से लोगों को भारी असुविधा हो रही है। लोगों की शिकायत है कि डीसी रेललाइन के नाम पर घोटाला किया गया है, इसलिए इसे बंद कर दिया गया। पहले रेलवे टैक से कोयला जाता था, अब ट्रांसपोर्टिग हो रही है। ट्रकों के माध्यम से कोयला भेजा जा रहा है। सारा खेल इसी के लिए हुआ है। केंद्र में तीन साल से भाजपा की सरकार है और डीसी रेललाइन इतना बड़ा मुद्दा है, मगर रास्ता निकालने का काम नहीं हुआ।
सरकार को छात्रों की चिंता नहीं :
आरएसपी कॉलेज को छह सितंबर को अचानक बंद कर दिया गया। इसमें आठ हजार छात्र पढ़ते हैं। सरकार को उनकी चिंता नहीं है। राज्य सरकार 1000 दिन पूरे होने पर इश्तेहार करवा रही है लेकिन डीसी रेललाइन बंदी, आरएसपी कॉलेज शिफ्टिंग व झरिया विस्थापन मुद्दे पर कोई बात नहीं कर रही है। विस्थापन झरिया ही नहीं, झारखंड का मुद्दा है। इस पर सरकार का कोई बयान नहीं है। डीसी रेललाइन बंदी हो या आरएसपी कॉलेज शिफ्टिंग, कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। 72 घंटे में आरएसपी कॉलेज पर रणनीति बनाएंगे और कोई कार्यक्रम करेंगे।
दिल्ली जाते ही रेल मंत्री पीयूष गोयल को पत्र देंगे। राहुल गांधी को भी इन मुद्दों से अवगत कराया जाएगा। मौके पर प्रदेश कांग्रेस के सह प्रभारी उमंग सिन्हा, राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. अजय कुमार, पूर्व सांसद सरफराज अहमद, जिलाध्यक्ष ब्रजेंद्र प्रसाद सिंह, अजय दुबे, एके झा, अनूप सिंह, रणविजय सिंह, अभिषेक सिंह, हर्ष सिंह आदि उपस्थित थे।
