विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 02, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नौ नवंबर के बाद भाजपा से निष्कासित किए नेता बहाल

By Babita KashyapEdited By:
Published: Sat, 02 Dec 2017 09:09 AM (IST)

सत्ती ने सभी मंडल अध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि निष्कासन/निलंबन से संबंधित मामले को मीडिया में ले जाने से गुरेज करें।

नौ नवंबर के बाद भाजपा से निष्कासित किए नेता बहाल
नौ नवंबर के बाद भाजपा से निष्कासित किए नेता बहाल

शिमला, राज्य ब्यूरो। हिमाचल प्रदेश भाजपा ने नौ नवंबर के बाद मंडलों द्वारा निष्कासित व निलंबित नेताओं का निलंबन रद कर दिया है। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कहा है कि कोई भी मंडल अपने स्तर पर नेताओं को निलंबित नहीं कर सकता। इसके लिए उनकी संस्तुति जरूरी है। निष्कासन से संबंधित कोई भी फैसला प्रदेश अनुशासन समिति ही लेगी। वही इस मामले में सुप्रीम अथॉरिटी है।

 

शुक्रवार को चंद्रमोहन ठाकुर ने मतदान के बाद किए गए सभी निष्कासनों को रद कर दिया। चंद्रमोहन ठाकुर ने यहां जारी बयान में बताया कि शिमला संसदीय क्षेत्र में विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल कार्यकर्ताओं का मंडल अध्यक्षों द्वारा किया गया निष्कासन/निलंबन निरस्त कर दिया गया है। सत्ती द्वारा शिमला संसदीय क्षेत्र के ऐसे सभी निष्कासन/निलंबन निरस्त किए गए हैं जो नौ नवंबर या उसके बाद किए गए हैं। बकौल चंद्रमोहन ठाकुर, सत्ती ने सभी मंडल अध्यक्षों से कहा है कि निष्कासन से संबंधित कोई भी कार्रवाई उनकी संतुति के बगैर न की जाए क्योंकि ऐसी कार्रवाई संविधान सम्मत नहीं है। इसलिए इस तरह की सभी कार्रवाई को निरस्त किया जाता है।

 

चंद्रमोहन ने बताया कि शिमला संसदीय क्षेत्र के सभी मंडल अध्यक्षों को यह भी कहा गया है कि यदि विधानसभा चुनाव के दौरान किसी कार्यकर्ता ने पार्टी विरोधी कार्य किया है तो उससे संबंधित सभी दस्तावेज 10 दिसंबर से पहले पार्टी के प्रदेश कार्यालय को प्रदेश अध्यक्ष के संज्ञान के लिए भेजे जाएं। सत्ती ने सभी मंडल अध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि निष्कासन/निलंबन से संबंधित मामले को मीडिया में ले जाने से गुरेज करें।

 

इस संबंध में सत्ती का कहना है कि कोई भी निर्णय अनुशासन समिति लेगी। न तो मैं किसी को निकाल सकता हूं और न ही निरस्त कर सकता हूं। मंडल  अपने स्तर पर किसी को नहीं हटा सकता है। शिमला संसदीय क्षेत्र के तहत आने वाले तीन मंडलों नाहन, रेणुका व पच्छाद में पार्टी के कई नेताओं को निष्कासित करने की कार्रवाई हो चुकी है। इनमें नाहन की पूर्व विधायक रही श्यामा शर्मा का नाम भी शामिल था। ऊनाा जिले के कुटलैहड़ से भी कुछ नेताओं को निष्कासित किया गया था।

 

यह भी पढ़ें: पांच सौ करोड़ कर्ज लेकर वेतन देगी सरकार

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।