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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 22, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कोटखाई दुष्कर्म मामला: सूरज की पत्नी का बयान दर्ज, सीबीआइ जांच शुरू

By Babita KashyapEdited By:
Published: Sat, 22 Jul 2017 09:20 AM (IST)

अगले दो दिनों में महिला का बयान सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज करवाया जाएगा। हालांकि अभी सीबीआइ ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की है।

कोटखाई दुष्कर्म मामला: सूरज की पत्नी का बयान दर्ज, सीबीआइ जांच शुरू
कोटखाई दुष्कर्म मामला: सूरज की पत्नी का बयान दर्ज, सीबीआइ जांच शुरू

शिमला, जागरण संवाददाता। कोटखाई के बहुचर्चित छात्रा दुष्कर्म एवं हत्या मामले में सीबीआइ ने शिमला पहुंच कर एसआइटी का गठन कर जांच शुरू कर दी है। शुक्रवार को सीबीआइ ने लॉकअप में मारे गए आरोपी सूरज की पत्नी का बयान दर्ज किया। सूरज की पत्नी को सुरक्षा भी प्रदान की गई है। सूरज की पत्नी ने कहा था कि उसके पति को कुछ रसूखदारों ने मोहरा बनाया था, जबकि उसका कोई कसूर नहीं था। 

 

हालांकि अगले दो दिनों में महिला का बयान सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज करवाया जाएगा। हालांकि अभी सीबीआइ ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की है। लेकिन पुलिस से सारा रिकॉर्ड कब्जे में ले लिया है। सीबीआइ ने चंडीगढ़ के एसपी रामगोपाल के नेतृत्व में तीन सदस्यीय एसआइटी का गठन किया है। गौरतलब है कि सीबीआइ को हाईकोर्ट ने जांच के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। इस बीच मामले में अन्य आरोपियों को 27 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

 

बीती रात आरोपियों को अदालत में पेश किया गया था। जांच को हाथ में लेने के बाद सीबीआई गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ करने के साथ साथ सोशल मीडिया से इनपुट्स भी जुटाएगी। सूरज की पत्नी ममता के संगीन रहस्योद्घाटन के बाद पुलिस ने उसे सुरक्षा दे दी है। ममता के साथ हर समय चार महिला व चार पुरुष पुलिस कांस्टेबल और एक सीबीआइ इंस्पेक्टर भी रहेगा। ममता से पूछताछ कोटखाई थाने में हुई। एसपी शिमला सौम्या ने सुरक्षा देने की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की निष्पक्षता से जांच होगी। ममता व उसके बच्चों को शिमला लाकर गुप्त स्थान पर रखा गया है।

 

सूरज के शरीर पर बेल्ट व डंडों के निशान

कोटखाई थाने के लॉकअप में मारे गए आरोपी सूरज की पीठ व अन्य हिस्सों पर बेल्ट के निशान थे। पुख्ता सूत्रों के मुताबिक ऐसा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चल रहा है। सिर पर किसी तेज हथियार से हमला करने के बारे में कोई भी सबूत नहीं है। सूरज के गुप्तांग में मामूली चोटें रिपोर्ट में साफ जाहिर हुई हैं। आरोपी को जेल के अंदर रखा जाता है, उसकी बेल्ट, कलम या अन्य संवेदनशील वस्तुओं को अलग रख लिया जाता है। ऐसे में सूरज के शरीर पर उक्त निशान कैसे आए। उसकी दोनों टांगों में डंडों के निशान भी हैं। सवाल उठ रहा है कि सूरज की मौत कहीं पुलिस रिमांड में मारपीट से तो नहीं हुई। हालांकि पुलिस महानिदेशक ने किसी भी आरोपी को थर्ड डिग्री से इन्कार किया था। 

 

पहले थे अलग, फिर रखे एक साथ सूत्रों के मुताबिक सूरज को दो आरोपियों सुभाष और राजू से अलग रखा था, लेकिन मौत से करीब एक घंटे पूर्व ही इन्हें एक लॉकअप में लाया गया। जिस लॉकअप में शव मिला था, वहां खून के निशान भी नहीं पाए गए। अगर राजू का सिर जमीन पर पटका गया तो फिर सिर से खून क्यों नहीं निकला।

 

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