यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 07, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आतंकियों के निशाने पर हिमाचल
अब आतंकी हिमाचल को पनाहगार बनाने के साथ अपने मंसूबों को पूरा करने के लिए जमीन तैयार कर रहे हैं।

शिमला/कुल्लू, जागरण टीम। देवभूमि हिमाचल प्रदेश आतंकियों के निशाने पर है। आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी शेख अब्दुल नईम के खुलासे और इससे पहले हिमाचल से हिरासत में लिए गए आइएसआइएस एजेंटों ने इस बात को साबित किया है। लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी द्वारा खुलासा करने से पूर्व 17 दिसंबर 2016 को कुल्लू के बंजार से एनआइए द्वारा गिरफ्तार आइएसआइएस एजेंट आबिद खान ने भी हिमाचल में पांच महीने रेकी करने की बात को कबूल किया था। इन दो घटनाओं ने हिमाचल की गुप्तचर एजेंसी व पुलिस की विफलता को साबित किया है। अब आतंकी हिमाचल को पनाहगार बनाने के साथ अपने मंसूबों को पूरा करने के लिए जमीन तैयार कर रहे हैं।
आतंकियों के हिमाचल में आकर रहने के मामलों ने इन बातों को साबित किया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि कहीं आतंकी संगठन हिमाचल में अपनी जड़ों को फैलाने की तैयारी तो नहीं कर रहे हैं? प्रदेश पुलिस के पास अन्य राज्यों के मजदूरों व लोगों का डाटा ही नहीं है। ऐसे लोगों का पता लगाना पुलिस व गुप्तचर एजेंसियों के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। आतंकियों की जांच के लिए भी निरीक्षण की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में आतंकी संगठनों से जुड़े लोग और आइएसआइएस एजेंट हिमाचल की सारी जानकारियों को अपने आकाओं तक बेखौफ पहुंचा रहे हैं।
पिछले साल पकड़ा गया था आइएसआइएस आतंकी आबिद खान कुल्लू जिला के बंजार में पिछले वर्ष ही आइएसआइएस का आतंकी आबिद खान भी पकड़ा गया था। वह बंजार के सिधवा के चर्च में वेश बदल कर रह रहा था जिसे 17 दिसंबर, 2016 को एनआइए की टीम ने गिरफ्तार किया था। वहां वह इसाई बनकर छिपा था और अपना नाम पॉल रखा था। वह इससे पूर्व कुल्लू के मौहल स्थित एक चर्च में भी कुछ समय
बिता चुका था। पकड़े जाने के बाद उसे सात जनवरी तक कुल्लू में रिमांड पर रखकर फिर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। बाद में आबिद खान का केस एनआइए को सौंपा गया। आबिद अब सजा काट रहा है।
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