यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 06, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
क्यूआरटी ने मणिकर्ण घाटी में डाला डेरा
क्यूआरटी के अधिकारियों के साथ दर्जन भर पुलिस कर्मचारी सुबह से मणिकर्ण के कसोल, मलाणा व अन्य स्थानों पर घूम रहे हैं।

कुल्लू, जागरण संवाददाता। आंतकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी शेख अब्दुल नईम के खुलासे के बाद कि उसने कुछ समय कुल्लू जिला के कसोल सहित अन्य स्थानों की भी रैकी की है, के बाद हिमाचल पुलिस भी सक्रिय हो गई है। इस कड़ी में बुधवार को प्रदेश पुलिस की क्वीक रिएक्शन टीम ने यहां मणिकर्ण घाटी में डेरा डाल दिया है। क्यूआरटी के अधिकारियों के साथ दर्जन भर पुलिस कर्मचारी सुबह से मणिकर्ण के कसोल, मलाणा व अन्य स्थानों पर घूम रहे हैं।
इस आतंकी संगठन के निशाने पर इसरायली समुदाय के होने की भनक लगने के बाद हिमाचल पुलिस ने प्रदेश में इसरायली ठिकानों की निगरानी शुरु की है। इसमें कुल्लू जिला का पर्यटन क्षेत्र कसोल सबसे प्रमुख है, जहां हर साल हजारों इसरायली भ्रमण के लिए आते हैं। यही नहीं कसोल में इसरायलियों की बाकायदा बस्ती ही रहने लग गई है, जबकि इस समुदाय के लोग यहां होटल व रेस्तरां किराए पर लेकर व्यवसाय भी कर रहे हैं।
ऐसे में जब लश्कर-ए-तैयबा इसरायल के लोगों को निशाना बनाना चाह रहा है और इस संबंध में पकड़े गए आतंकी अब्दुल नईम ने भी खुलासा किया है तो प्रदेश पुलिस के लिए यह एक बंड़ी चुनौती है। इसी के चलते प्रदेश पुलिस मुख्यालय शिमला से क्यूआरटी के दल ने सुबह ही मणिकर्ण इलाके में गश्त करनी शुरु कर दी है। हालांकि इस दौरान कहीं दबिश नहीं दी जा रही और न ही किसी से पूछताछ हो रही है, लेकिन क्यूआरटी के सदस्य हर गतिविधि पर नजर रखे हुए है। जानकारी के मुताबकि यह क्वीक रिएक्शन टीम के सभी सदस्य विशेष कमांडो ड्रेस में हथियारों से लैस हैं और जगह-जगह रुककर इसरायली ठिकानों का निरीक्षण कर रहे हैं। इस टीम के मणिकर्ण वैली में होने की पुष्टि क्यूआरटी के डीएसपी दुष्यंत सरपाल ने की है, लेकिन उन्होंने यहां आने का उद्देश्य स्पष्ट नहीं किया। लिहाजा क्यूआरटी की यहां दस्तक से साफ है कि पकड़े गए आतंकी के खुलासे के बाद से ही प्रदेश पुलिस चौकस हुई है और इस सूचना के बाद से यहां की पुलिस कोई रिस्क नहीं लेना चाहती।
याद रहे कि कुल्लू जिला के बंजार में लगभग दो वर्ष पहले आईएसआईएस के आतंकवादी आबिद खान को भी पकड़ा गया था, जो यहां के क्षेत्रों की रैकी करने के लिए बंजार के एक चर्च में भेष बदलकर रह रहा था।