यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 05, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बारिश ने थामी रफ्तार, कई मार्ग बंद
जिला के ऊपरी क्षेत्रों में कई जगह भूस्खलन होने से सेब से लदे सैकड़ों ट्रक फंसे रहे। सोलन जिला में भी बारिश ने तबाही मचाई।

शिमला, जागरण टीम। हिमाचल प्रदेश में चार दिनों से हो रही भारी बारिश ने शुक्रवार को आक्रामक रुख अपनाया। बारिश के कारण प्रदेश में कई भवन क्षतिग्रस्त हो गए व भूस्खलन के कारण कई घरों को खतरा पैदा हो गया है। भूस्खलन की वजह से प्रदेश में कई मार्गों पर यातायात बाधित रहा। शिमला में संजौली-ढली बाईपास पर पहाड़ी दरकने से मार्ग करीब आधा घंटा अवरुद्ध हुआ व निकटवर्ती निर्माणाधीन पांच मंजिला भवन को खतरा पैदा हो गया है।
जिला के ऊपरी क्षेत्रों में कई जगह भूस्खलन होने से सेब से लदे सैकड़ों ट्रक फंसे रहे। सोलन जिला में भी बारिश ने तबाही मचाई। सोलन शहर में कई जगह डंगे गिरने से कई घरों को खतरा पैदा हो गया है। चंबाघाट क्षेत्र में कई घरों में पानी घुसने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। शिमला-कालका राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण मार्ग बार-बार अवरुद्ध होने से घंटों जाम लगा रहा। सोलन जिला के ग्रामीण क्षेत्र धुंधन में सड़क पर मलबा गिरने से ग्रामीण क्षेत्र का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया।
कुल्लू जिला में सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण ग्रांफू-सुमदो मार्ग वीरवार रात लोसर नाले में बाढ़ आने से 14 घंटे बंद रहा। इस कारण वाहन चालक व पर्यटक सुबह तक लोसर में ही फंसे रहे। राहगीरों ने गाडिय़ों में ही रात बिताई। मंडी जिला में हणोगी माता मंदिर के सामने शुक्रवार सुबह चट्टानें गिरने से मनाली-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग आधा घंटा बंद रहा। सरकाघाट में दुकानों में पानी घुस गया।
ऊना में भारी बारिश व तूफान से मक्की की फसल को नुकसान पहुंचा है। मुबारिकपुर में बणे दी हट्टी के पास पुल क्षतिग्रस्त हो गया। बंगाणा में ल्हासे गिरने से संपर्क मार्ग अवरुद्ध हो रहे हैं। स्वां नदी में मछली पकडऩे गए अन्य राज्य के दो युवक अचानक जलस्तर बढऩे से बीच में फंस गए। इन्हें दमकल विभाग के कर्मचारियों ने तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला। बिलासपुर जिला में चंडीगढ़-मनाली एनएच पर स्वारघाट से बिलासपुर के दायरे में जगह-जगह भूस्खलन हुआ।
मक्की सहित सब्जियों को भारी नुकसान पहुंचा है। गोबिंदसागर झील में जलस्तर बढऩे से नौ मवेशी दलदल में फंस गए जिन्हें आपदा प्रबंधन की टीम ने सुरक्षित निकाला। हमीरपुर जिला में सलौनी-दियोटसिद्ध 20 किलोमीटर लंबी सड़क पर कोटला के पास डंगे गिरे। बारिश से मक्की की फसल तबाह होने से किसान चिंता में हैं। कांगड़ा जिला के परागपुर में बारिश से एक दुकान की दीवार व फतेहपुर में प्राथमिक पाठशाला हाड़ाजोगी का एक कमरा गिर गया। नगरोटा बगवां में भी दो मकान ढह गए। प्रदेश के अन्य जिलों में भी कमोवेश स्थिति ऐसी ही बनी हुई है।