यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 02, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हिमाचल में अब तीन साल में नियमित होंगे अनुबंध कर्मी
सीएम ने ऐलान किया था कि अब अनुबंध कर्मचारियों को पांच के बजाय तीन साल में नियमित किया जाएगा।

शिमला, जेएनएन। 31 मार्च, 2017 को तीन साल पूरे कर चुके अनुबंध कर्मी अब नियमित होंगे। यहां सीएम वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट बैठक में अनुबंध कर्मियों को पांच साल की बजाए तीन साल में नियमित करने पर मुहर लग गई है।
बता दें कि सीएम वीरभद्र सिंह ने चंबा में हिमाचल दिवस के राज्यस्तरीय समारोह में प्रदेश के हजारों अनुबंध कर्मचारियों को तोहफा दिया था।
सीएम की घोषणा को कैबिनेट में मंजूरी मिल गई है। आरकेएस कर्मी चार साल के बाद नियमित होंगे।
आऊट कर्मियों पर हुई चर्चा पर कोई फैसला नहीं हुआ है। विभिन्न विभागों में आईटी सहित अन्य पद भरने को मंजूरी मिल गई है।
चंबा के चौगान में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम ने ऐलान किया था कि अब अनुबंध कर्मचारियों को पांच के बजाय तीन साल में नियमित किया जाएगा।
वहीं, रोगी कल्याण समिति के तहत रखा गया पैरा मेडिकल स्टाफ चार साल में नियमित होगा। इसमें तीन साल अनुबंध व एक साल आरकेएस के तहत शामिल होंगी। इससे पहले आठ साल में इन्हें नियमित किया जाता था। साथ ही, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व हेल्पर के बढ़े हुए मानदेय को भी मंजूरी मिली है। बढ़ा हुआ मानेदय प्रदेश सरकार अपनी ओर से देगी।
वहीं, कैबिनेट की बैठक में आउटसोर्स कर्मियों को लेकर चर्चा तो हुई, लेकिन कोई फैसला नहीं लिया जा सका। सरकार ने विभागों से आउटसोर्स कर्मियों का और ब्यौरा मांगा है। इसके अलावा कैबिनेट की बैठक में आईटी, पंप ऑपरेटर सहित अन्य पद भरने को भी मंजूरी दी गई है।
सीएम वीरभद्र सिंह की घोषणा के अनुसार, 31 मार्च, 2017 व 30 सितंबर, 2017 को आठ साल का कार्यकाल पूरा कर चुके पार्ट टाइम वर्कर्स को दैनिक भोगी बनाने का भी फैसला लिया गया है।
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