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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 04, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रोहतांग ने फिर ओढ़ी बर्फ की चादर

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Published: Tue, 04 Apr 2017 08:29 PM (IST)Updated: Wed, 05 Apr 2017 03:13 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश में कुल्लू, मनाली और लाहुल के पहाड़ों ने एक बार फिर बर्फ की चादर ओढ़ ली है।

रोहतांग ने फिर ओढ़ी बर्फ की चादर
रोहतांग ने फिर ओढ़ी बर्फ की चादर

संवाद सहयोगी, मनाली। मौसम के करवट बदलते ही कुल्लू, मनाली व लाहुल के पहाड़ों ने एक बार फिर बर्फ की चादर ओढ़ ली है। लाहुल व कुल्लू को जोड़ने वाले रोहतांग दर्रे में मंगलवार सुबह से बर्फबारी हो रही है। गत दिनों मौसम साफ रहने से रोहतांग दर्रे में पैदल राहगीरों की कदमताल भी शुरू हो गई थी तथा बीआरओ की मार्ग बहाली सुचारु रूप से गति पकड़ने लगी थी। अब मौसम के बदले तेवरों ने दर्रे में कदमताल रोक दी है तथा मार्ग बहाली को भी प्रभावित कर दिया है। रोहतांग दर्रे सहित पर्यटन स्थल सोलंगनाला के फातरु, रोहतांग के गुलाबा, राहलाफाल, ब्यासनाला, मढ़ी और राहनीनाला में रुक-रुक कर बर्फ के गिर रहे हैं।

कुल्लू-मनाली व लाहुल घाटी में बारिश का क्रम शुरू होने से ठंड बढ़ गई है तथा लोग गर्म कपड़े पहनने को मजबूर हो गए हैं। मंगलवार को दर्रे सहित धुंधी की पहाडि़यो, मनालसू जोत, भृगु व दशौहर जोत, मकरवेद व शिकरवेद की पहाडि़यो, हामटा जोत, हनुमान टिब्बा व इंद्र किला में बर्फ के फाहे गिरने का क्रम शुरू हो गया है। लाहुल घाटी के बारालाचा दर्रे सहित लेड़ी आफ केलंग, दारचा की पहाडिय़ों, कोकसर व गोंधला की चोटियों, पटन घाटी की चोटियों व मयाड़ घाटी की पहाडि़यों में भी रुक-रुक कर बर्फबारी हो रही है।

कोकसर बचाव दल के प्रभारी लुदर ने बताया कि खराब मौसम के चलते रोहतांग दर्रे में कदमताल रुकवा दी गई है। मौसम साफ होने के बाद ही राहगीरों को दर्रा पार करने की अनुमति दी जाएगी। उधर, बीआरओ के कार्यकारी कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल मयंक मेहता ने बताया कि रोहतांग दर्रे में सुबह से बर्फबारी हो रही है, जिससे मार्ग बहाली प्रभावित हुई है। उन्होंने बताया कि मौसम साफ होते ही बीआरओ का काफिला मढ़ी व कोकसर से रोहतांग की ओर कूच करेगा।

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