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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 19, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

धर्मशाला होगी शीतकालीन राजधानी

By Munish DixitEdited By:
Published: Thu, 19 Jan 2017 10:38 AM (IST)Updated: Thu, 19 Jan 2017 10:49 AM (IST)

कई वर्षो की राजनीतिक कयासबाजी के बाद धर्मशाला को ह‍िमाचल प्रदेश की शीतकालीन राजधानी बनाने की घोषणा हो गई है।

धर्मशाला होगी शीतकालीन राजधानी
धर्मशाला होगी शीतकालीन राजधानी

धर्मशाला [जेएनएन]: कई वर्षो की राजनीतिक कयासबाजी के बाद धर्मशाला को हिमाचल प्रदेश की शीतकालीन राजधानी बनाने की घोषणा हो गई है। शीतकालीन प्रवास की तर्ज पर अब दो माह के लिए सरकार व सचिवालय धर्मशाला से ही चलेंगे। यह घोषणा मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने परिधिगृह में पत्रकारों से बातचीत में की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की यह पूर्व की नीति के तहत फैसला लिया गया है। शीतकालीन राजधानी को सकारात्मक रूप देने के लिए प्रदेश सरकार ने पहले ही धर्मशाला में सचिवालय का निर्माण करवाया।

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यहां विधानसभा भवन का निर्माण भी इस ओर सकारात्मक कदम था। परिधिगृह में मंत्रियों के लिए आवासीय परिसर का निर्माण भी चल रहा है और इस पर साढ़े पांच करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शीतकालीन राजधानी के अस्तित्व में आने पर प्रदेश पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की इस घोषणा के बाद धर्मशाला के प्रदेश के पहले स्मार्ट सिटी के रूप में चयनित होने के साथ अब शीतकालीन राजधानी का तमगा भी जुड़ जाएगा। हाल में यह नगर निगम बना है।

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इस घोषणा पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि पहले तो यह बताया जाए कि वीरभद्र सिंह चार साल से कहां सोए हुए थे। सत्ता संभालते ही इस तरह का निर्णय ले लेना चाहिए था। प्रदेश का बच्चा-बच्चा जानता है कि जैसे ही चुनाव नजदीक आने लगते हैं, वह ऐसे वादे करते हैं। याद करो, हर घर से एक आदमी को सरकारी नौकरी देने का वादा किया गया था और अबकी बार बेरोजगारी भत्ता देने का वादा हुआ था।

वीरभद्र सिंह की बात पर कौन विश्वास करेगा : धूमल

वीरभद्र सिंह की बात पर कौन विश्वास करेगा। वह लगातार घोषणाएं कर रहे हैं, लेकिन उनकी किसी भी घोषणा पर कोई अमल नहीं होता। मौजूदा ही नहीं, पहले भी मुख्यमंत्री रहते हुए ऐसी घोषणाएं करते थे। प्रदेश की खराब आर्थिक स्थिति के बीच ऐसा विचार लाने से पहले प्रदेश के लोगों के हितों की रखवाली के बारे में भी सोचा जाना चाहिए।- प्रेम कुमार धूमल, नेता प्रतिपक्ष।

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