यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 13, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अंगूठा चूसने वाले बच्चों में कम होती है एलर्जी की संभावना -स्टडी
अध्ययनकर्ताओं ने कहा है कि जिन बच्चों में ये बुरी आदत होती है, उन्हें घर के धूल के कण, घास, ...और पढ़ें

वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि जो बच्चे अपना अंगूठे चूसते हैं नाखुन कुतरत हैं उन बच्चों में एलर्जी विकसित होने की संभावना कम रहती है। अध्ययनकर्ताओं ने कहा है कि जिन बच्चों में ये बुरी आदत होती है, उन्हें घर के धूल के कण, घास, बिल्ली, कुत्ते और घोड़ें जैसी चीजों से कम एलर्जी होने की संभावना रहती है।
पूर्व में न्यूजीलैंड के डुनेडिन स्कूल ऑफ मेडिसिन के साथ काम करने वाले और वर्तमान में कनाडा के मैकमास्टर युनिवर्सिटी से जुडे मैल्कम सियर्स ने का मानना है कि यह खोज इस स्वच्छता के सिद्धांत के समान है कि जीवन के आरंभिक समय में धूल या कीटाणुओं से संपर्क होने से एलर्जी के विकसित होने का खतरा कम रहता जाता है।'
सियर्स ने बच्चों द्वारा अपनाई जा रही इन गंदी आदतों पर कहा, ''हम इन आदतों को प्रात्साहित किए जाने की सिफारिश नहीं करते हैं लेकिन इन आदतों के सकारात्मक पहलू भी सामने आए हैं। बता दें कि इस अध्ययन को पीडियाट्रिक्स पत्रिका में प्रकाशित किया गया था।
