यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 01, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पुलिस पड़ोसी से पूछेगी, क्या आपकी पड़ोसन गर्भवती थी
पीजीआइ से बच्चा चोरी प्रकरण में पुलिस ने टीम गठित कर दी है। 40 पुलिसकर्मियों की टीम 144 गांवों में जाकर बच्चे को खोजेगी।

जेएनएन, रोहतक। प्रदेश के एकमात्र पीजीआइ के गायनी वार्ड से चोरी हुए बच्चे को बरामद करने के लिए जिले के पुलिस मुखिया ने कमर कस ली है। अब उन्होंने 40 पुलिसकर्मियों की एक टीम बनाई है, जिसे खुद एसपी पंकज नैन और डीएसपी डॉ. रविंद्र मॉनीटर करेंगे। यह टीम जिले के 144 गांवों में जाकर बच्चे को सर्च करेगी। टीम के सदस्य हर गांव में जाएंगे और जिस घर में 10 से 17 सितंबर के बीच में बच्चा जन्मा है, उसका वेरिफिकेशन करेगी। साथ ही पड़ोसियों से पूछताछ की जाएगी कि उनके पड़ोस कोई महिला गर्भवती थी या नहीं।
उधर, जिन 12 लोगों का लाई डिटेक्टर टेस्ट होना था, उनमें से छह ने अपनी सहमति जता दी है। छह लोगों की सहमति अभी बाकी है। उम्मीद है कि मंगलवार तक सभी की सहमति आ जाएगी। मंगलवार को कोर्ट में सभी 12 लोगों के बयान कराए जाएंगे। इसके बाद उनके नाम एसपी पंकज नैन की तरफ से लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए लैब में भेजे जाएंगे।
छह का आवेदन शनिवार को कोर्ट में लगाया
बच्चा बरामद करने के लिए बनाई गई एसआइटी के प्रभारी डॉ. डीएसपी रङ्क्षवद्र ने बताया कि छह लोगों के आवेदन उन्होंने शनिवार को अदालत में लगा दिए थे। छह लोगों के मंगलवार तक लगा दिए जाएंगे। इसके बाद सभी 12 लोगों के कोर्ट में बयान कराएं जाएंगे। कोर्ट में वह अपनी सहमति जताएंगे।
तीन घंटे की मीटिंग में 40 पुलिसकर्मियों की ली मीटिंग
एंटी व्हीकल थैफ्ट एंड डिटेक्शन टीम के प्रभारी मनोज वर्मा ने बताया कि जिस 40 पुलिसकर्मियों को टीम में चुना गया है। उनकी रविवार को पुलिस लाइन में एसपी पंकज नैन और डीएसपी डॉ. रविंद्र ने मीटिंग ली। मीटिंग में पुलिसकर्मियों को सिखाया गया कि किस तरह से उन्हें ग्रामीणों से बातचीत करनी है। किस तरह से अपने मुखबिरों को गांवों में खड़ा करना है। मुखबिरों को गांव में जाकर जागरूक किया जाएगा। गांव के चौकीदार की भी मदद लेने के लिए कहा गया है।
