यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 08, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जाट आंदोलन: धरनास्थलों पर डटे हैं जाट, सरकार की ढाल बनकर खड़े हुए कई मंत्री
हरियाणाभर में जाट आरक्षण की मांग को लेकर जाट धरनास्थलों पर डटे हैं। वहीं, अफसरों के साथ-साथ सरकार ने एक मोर्चे पर मंत्रियों को भी दी जिम्मेदारी दी है।

जेएनएन, चंडीगढ़। जाट आरक्षण की मांग को लेकर हरियाणाभर में जाट आज बुधवार को भी धरनास्थलों पर डटे हैं। रोहतक के जसिया, पानीपत के उग्राखेड़ी गांव के चौपाल पर, देवबन कैंची आदि प्रमुख धरनास्थलों पर सुबह से ही जाट समुदाय के सदस्य डटे हैं। वहीं, विश्वविद्यालयों, कालेजों में बिना आइ कार्ड के किसी को भी प्रवेश करने नहीं दिया जा रहा है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
उधर, हिसार के हासी में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला ने कहा कि जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान जेलों में बंद अधिकतर युवक दोषी हैं । उन्होंने कहा कि यशपाल मलिक, भूपेंद्र सिंह हुड्डा व अभय चौटाला को भाजपा जैसी ईमानदार पार्टी पच नहीं रही है, अपनी राजनीतिक जमीन को फिर से तलाशने के लिए वह समुदाय विशेष की भावनाओं को भड़काकर ओछी राजनीति कर रहे हैं । बराला ने कहा कि यशपाल मलिक, भूपेंद्र सिंह हुड्डा , अभय चौटाला व उत्तर प्रदेश के कुछ नेतायो के हाथों में खेल रहे हैं।
हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन की स्थिति को विस्फोटक होने से बचाने के लिए सरकार ने मंत्री फील्ड में उतार दिए हैैं। कुछ मंत्री उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के चुनाव में पार्टी के लिए काम करने में जुट गए तो कुछ मंत्रियों ने हरियाणा में सरकार के लिए मोर्चा संभाल लिया है। प्रदेश के आधा दर्जन मंत्री आंदोलनकारियों को यह समझाने में लगे हुए हैैं कि उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली के बाद भाजपा ने हरियाणा में भी जाट समुदाय को आरक्षण दिया है।
प्रदेश के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़, शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा, परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार और सहकारिता राज्य मंत्री मनीष ग्र्रोवर ने दावा किया है कि जाट आरक्षण हाईकोर्ट में अटकने के बावजूद भाजपा सरकार मजबूती के साथ पैरवी कर रही है। इन मंत्रियों ने इनेलो और कांग्र्रेस पर जातिवाद फैलाने तथा माहौल में जहर घोलने का आरोप लगाते हुए आंदोलन पर राजनीति करने से बाज आने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक हित साधने के लिए भाईचारे को दांव पर लगाना उचित नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि जाट आरक्षण आंदोलन किसी तरह की चुनौती नहीं है।
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राजनीतिक हाथों में न खेलें आंदोलनकारी
कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ का कहना है कि पिछले साल आरक्षण संघर्ष समिति के 31 मार्च तक के अल्टीमेटम से पूर्व ही 27 मार्च को सरकार ने विधानसभा से बिना चर्चा बिल पास करवा कर जाट समुदाय को आरक्षण दिया। मुख्यमंत्री ने अदालत से स्टे हटने के बाद संविधान के आर्टिकल 9 में आरक्षण को डलवाने के लिए केंद्र सरकार में पैरवी का भरोसा दिलाया है। पिछले माह 28 जनवरी को मुख्यमंत्री ने फिर डेढ दर्जन खाप पंचायतों को उनकी मांगें पूरा करने का भरोसा दिलाया है। सरकार जाट समुदाय के साथ है।
लोगों को भड़काने की कोशिश उचित नहीं
सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा बीते 16 साल तक अपने शासन में जाट समुदाय को उनका हक दिलाने के लिए गंभीर नहीं हुए। आज भाजपा सरकार लगातार गंभीरता से काम कर रही है तो उन्हें यह बर्दाश्त नहीं हो रहा कि आरक्षण मिलने से जाट समुदाय भाजपा के पक्ष में खड़ा न हो जाए। महज अपने राजनीतिक हित साधने के लिए इनेलो, कांगे्रस भाईचारा को दांव पर लगा रही है। प्रदेश में शांतिपूर्ण धरनों पर लोगों को भड़काने की कोशिश हो रही है, जो उचित नहीं है।
भाजपा के विरोध का फैसला राजनीतिक साजिश
परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार का कहना है कि राजनीति से प्रेरित एवं षडयंत्र के तहत आंदोलन हो रहा है। भाजपा प्रत्येक हरियाणवी की सरकार है, लेकिन इनेलो और कांगे्रस जातिवाद पर उतरकर सामाजिक माहौल में जहर घोलने का काम कर रहे हैैं। सरकार गत वर्ष आंदोलन के दौरान मारे गए निर्दोषों को मुआवजा देते हुए नौकरी देने की हां कर चुकी है। अन्य बंदी जब भी जमानत याचिका लगाएंगे तो उन्हें जमानत मिल जाएगी। चुनाव में भाजपा के विरोध की अपील राजनीतिक साजिश का हिस्सा है।
जाट आरक्षण आंदोलन किसी तरह की चुनौती नहीं
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का कहना है कि जाट आरक्षण आंदोलन एवं एसवाईएल के मुद्दे को सरकार किसी तरह की चुनौती नहीं मानती है। एसवाईएल पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला राज्य के पक्ष में आ चुका है। लोकतंत्र में अपनी बात रखने का अधिकार सभी को है। सरकार ईमानदारी के साथ आरक्षण दे चुकी है। कोर्ट में भी इसकी पैरवी की जा रही है।
जाट समाज हमारा सबसे बड़ा कुनबा
शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास का कहना है कि मंत्री समूह की बैठक में प्रदेश के सभी ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा हुई है। आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहा जाट समाज हमारा सबसे बड़ा कुनबा है। अपनों से कभी नहीं निपटा जाता, निपटा तो दूसरों से जाता है। हम बातचीत से हर समस्या का समाधान निकालने के पक्षधर हैं। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है।
हम कोई बातचीत नहीं करेंगे सरकार से
खाप नेता सूबे सिंह समैण एवं हवा सिंह सांगवान का कहना है कि हमें सरकार ने बातचीत के लिए नहीं बुलाया है। हम बातचीत करेंगे भी नहीं। हम सरकार को अपनी मांगों के बारे में अल्टीमेटम दे चुके हैैं। 11 तक समय दिया गया है। सभी दिवंगत लोगों के परिजनों को पक्की सरकारी नौकरी और जाट आरक्षण हमारा बड़ा मुद्दा है।
