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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 24, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हिसार में भी कर्फ्यू हटा, रोहतक में बाजार व स्‍कूल खुले

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Published: Wed, 24 Feb 2016 11:55 AM (IST)Updated: Wed, 24 Feb 2016 01:39 PM (IST)

हरियाणा में जाट आरक्षण की आग के बाद बुधवार को हालात मेें तेजी से सुधार हो रहा है। राेहतक, भिवानी ...और पढ़ें

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चंडीगढ़। हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन में हिंसा के बाद हालात में तेजी से सुधार हाे रहा है। रोहतक के बाद बुधवार को हिसार में भी कर्फ्यू दिन में हटा लिया गया है। हिसार के हांसी में तनाव बरकरार है और वहां कर्फ्यू अभी लगा हुआ है। रोहतक में बाजार खुल गए हैंं और सड़कों पर भी आवाजाही हो रही है। कुछ निजी स्कूल भी खुल गए हैं।

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हिसार में बुधवार को हालात सामान्य हाेने के बाद कर्फ्यू में दिन में ढील दी गई। शहर में अभी धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू है। कर्फ्यू में यह ढील सुबह से रात आठ बजे तक के लिए है। बुधवार को शहर में बाजार तो खुल गए हैं, लेकिन शहर में हलचल अभी कम ही है। स्कूल और कालेज बुधवार अभी बंद हैं।

प्रदेश में सड़क यातायात सुचारु हो गया है। रोडवेज बसें सड़कों पर दौड़ने लगी हैं। ट्रेनों का परिचालन कुछ रूटों पर शुरू हो गया है। दिल्ली-अंबाला रूट पर भी बुधवार को ट्रेनों के चलने की उम्मीद। हिसार के बाजारों में कुछ दुकानें खोल दी गईं हैं परंतु संवेदनशील क्षेत्रों में अभी भी सन्नाटा है। सेना व पुलिस ने पड़ाव, सैनियान मोहल्ला व बीकानेर चौक पर अभी भी डेरा डाला हुआ है।

इस बीच, हांसी में भाजपा नेता प्रवीन गोदारा के आवास पर उग्र भीड़ ने पथराव कर दिया है। मौके पर पुलिस व सेना पहुंची। उपद्रवियों के कारण तनाव की स्थिति बनी हुई है। हांसी में प्रशासन ने बाजार खुलवा दिए हैं। लोग काम पर लौटने लगे हैं। उकलाना, बरवाला, सिवानी, नारनौंद व अग्रोहा में रास्ते खुलने के साथ लोग घरों से बाहर आ गए हैं।

भिवानी में बुधवार को भी दिन में कर्फ्यू में ढ़ील दी गई। यहां मंगलवार से सुबह से रात आठ बजे तक कर्फ्यू में ढी़ल दी जा रही है। यहां भी बाजार खुले हुए हैं और बस सेवा भी सामान्य है। जींद, कैथल, पानीपत, करनाल व अंबाला सहित प्रदेश के अधिकतर स्थानों पर भी बस सेवा सामान्य है। इन शहराें में बाजार भी खुले हुए हैं।

राेहतक में हालात सामान्य होने की आेर

रोहतक में मंगलवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के दौरे के दौरान हंगामा के बाद बुधवार को हालात सामान्य हैं। शहर में बाजार खुलने से लोगों को राहतक मिली है। सड़कों पर वाहन भी चल रहे हैं, हालांकि अभी बस सेवा सामान्य नहीं हुआ है। सरकारी और निजी कार्यालयों में भी उपस्थिति दिखी। दिल्ली बाईपास में व्यापारियों का धरना जारी है।

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इससे पहले मंगलवार को जाट आरक्षण आंदोलन में तबाह हुए लोगों की पीड़ा सुनने पहुंचे मुख्यमंत्री मनोहर लाल को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। नाराज लोगों ने कहा, जख्म भरो इस्तीफा दो। मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाए गए। सरकार मुर्दाबाद और भाजपा सांसद राजकुमार सैनीके पक्ष में नारे लगे। लोगों के आक्रोश के कारण मुख्यमंत्री को अपनी बात बीच में छोड़कर रेस्ट हाउस लौटना पड़ा।

विरोध के कारण मुख्यमंत्री को सड़क मार्ग से शहर में हुए नुकसान का जायजा लेने का इरादा बदलना पड़ा और उन्होंने हेलीकाप्टर से हवाई निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री लोगों के बीच पहुंचे तो लोगों ने नारेबाजी शुरू दी और सुरक्षा घेरा तोड़कर उनका घेराव कर लिया।

मुख्यमंत्री ने हिम्मत कर पीड़ितों को उचित आश्वासन देना चाहा, लेकिन लोग उनकी बात सुनने को तैयार नहीं थे। मुख्यमंत्री उचित मुआवजे का आश्वासन देकर वापस विश्रम गृह में चले गए। बाहर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन जारी रहा। मुख्यमंत्री विश्रम गृह से पुलिस लाइन के लिए रवाना हुए तो लोगों ने उनकी गाड़ी का घेराव कर लिया और जमकर हंगामा खड़ा किया।

बुलानी पड़ी सीआरपीएफ

मुख्यमंत्री के विरोध को देखते हुए विश्रम गृह में सीआरपीएफ के जवानों को बुलाना पड़ा। उनकी सुरक्षा घेरे में ही मुख्यमंत्री के काफिले को विश्रम गृह से पुलिस लाइन ले जाया गया। पुलिस लाइन में भी काफी लोग पहुंच गए थे, लेकिन वहां सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों को मुख्यमंत्री के नजदीक नहीं पहुंचने दिया।

हुड्डा और दीपेंद्र पर भी निकाली भड़ास

रोहतक : मंगलवार को रोहतक पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को भी व्यापारियों के गुस्से का सामना करना पड़ा है। आक्रोशित लोगों में से कुछ ने उन पर जूते भी फेंके और उनका आवास घेर लिया। सेना व अर्धसैनिक बल के जवानों ने मौके पर पहुंच कर स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बावजूद काफी देर तक व्यापारियों ने उनके आवास पर हंगामा किया और वापस जाओ के नारे भी लगाए। प्रशासन ने हंगामे को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री को उनके आवास से सुरक्षित अन्य स्थान पर भेज दिया।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा मंगलवार शाम मॉडल टाउन स्थित अपने आवास पर पहुंचे। कुछ देर बाद ही पूर्व हुड्डा, पूर्व विधायक भारत भूषण बतरा व अन्य नेताओं के साथ डी पार्क पर चल रहे व्यापारियों के घरनास्थल पर पहुंच गए। उन्होंने व्यापारियों से बातचीत शुरू ही की थी कि इसी दौरान कुछ युवा व्यापारियों ने उनके खिलाफ हूटिंग शुरू कर दी। मामला शांत होने की बजाय बढ़ता गया और व्यापारियों ने पूर्व सीएम को खरी-खोटी सुनानी शुरू कर दी।