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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 03, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

किसान रैली में भाजपा और कांग्रेस पर बरसे त्रिपुरा के सीएम, बोले- अब वामपंथी ही विकल्प

By Ankit KumarEdited By:
Published: Tue, 03 Oct 2017 04:10 PM (IST)Updated: Tue, 03 Oct 2017 04:15 PM (IST)

त्रिपुरा के सीएम ने कहा कि किसान, युवा सहित सभी वर्गों को आज एक मंच पर आकर लड़ाई लड़ने की जरूरत है। अब देश में वामपंथी ही विकल्प है।

किसान रैली में भाजपा और कांग्रेस पर बरसे त्रिपुरा के सीएम, बोले- अब वामपंथी ही विकल्प
किसान रैली में भाजपा और कांग्रेस पर बरसे त्रिपुरा के सीएम, बोले- अब वामपंथी ही विकल्प

जेएनएन, हिसार। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने कहा है कि देश में भाजपा सवामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू नहीं कर पाई है। कई राज्यों में किसान आत्महत्या कर रहा है। सरकार को चाहिए कि किसानों को फसल की लागत से डेढ़ गुना दाम मिले। मणिक सरकार  पुराना गवर्नमेंट कॉलेज मैदान में अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय सम्मेलन के पहले दिन हुई किसान महारैली में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे।

त्रिपुरा के सीएम ने कहा कि किसान, युवा सहित सभी वर्गों को आज एक मंच पर आकर लड़ाई लड़ने की जरूरत है। कांग्रेस और भाजपा एक जैसी पार्टी है और आम आदमी के सामने वामपंथी ही विकल्प के रुप में बचे हैं। किसान की हालत बद से बदतर हो चुकी है। यदि सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती तो लोगों के सामने  परिवर्तन ही एकमात्र उपाय है। 

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किसान मजदूर रैली के दौरान मंच पर मौजूद त्रिपुरा के सीएम मणिक सरकार।

मणिक के मुताबिक किसानों की जो मांगे है उन पर हिसार में शुरू हुए राष्ट्रीय सम्मेलन में विचार विमर्श होगा मंथन किया जाएगा और आंदोलन की पूरी रूपरेखा तैयार कर उस की घोषणा होगी। किसान आंदोलन की पहले भी घोषणा हुए थी और अब भी आंदोलन की घोषणा एक अलग ही दिशा लेकर आएगी।

उन्होंने कहा की त्रिपुरा में शिक्षा, हेल्थ सभी सुविधाओं को सरकार मुहैया करवाती है। वामपंथी सरकार बनने से पहले 5 फीसद किसानों को नहर का पानी मिल पाता था। सरकार बनने के बाद करीब 20 सालों में 17 फीसद किसानों को नहरी पानी मिलता है और उसी से फसल की बुवाई होती है। उस पानी का कोई शुल्क नहीं लिया जाता। वही बिजली भी मुफ्त में दी जा रही है। देश में जिस तरह हालात बदल रहे हैं, आज वामपंथी ही विकल्प के रुप में बाकी है।

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