यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 09, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अपने माता पिता को गुरु मानती हैं सोनाक्षी
मुंबई। सबसे पहले और प्रभावशाली शिक्षक के रूप में मैं मम्मी-पापा को याद करना चाहूंगी। उनकी सीख और शिक्षा लगातार ...और पढ़ें

मुंबई। सबसे पहले और प्रभावशाली शिक्षक के रूप में मैं मम्मी-पापा को याद करना चाहूंगी। उनकी सीख और शिक्षा लगातार काम आ रही है। वैसे मुझे अपने टीचर हमेशा अच्छे लगे। स्कूल जाना मुझे बहुत अच्छा लगता था। मेरी एक ट्यूशन टीचर सुमन मिश्र थीं। वे मेरे लिए मां के समान थीं। स्कूल से आने के बाद मैं उनके पास जाती थी। वे मेरे खाने-पीने का भी ख्याल रखती थीं। पहले कुछ खिला देती थीं। फिर पढ़ाती थीं। दूसरी ट्यूशन टीचर दत्ता मिस थीं।
पढ़ें: जो कहा था वह कर दिखाया -सोनाक्षीवे बहुत सख्त थीं, लेकिन दिल की बहुत अच्छी थीं। मैं उनकी तारीफ करूंगी कि हमारी विशेषताओं को वे उभारती थीं। कॉलेज में सोलांज मिस मेरी ड्राइंग टीचर थीं। उन्होंने हमेशा आजादी दी और कहा कि अपनी शैली का काम करो। मेरी शैली मत अपनाओ। वसुधा मिस नाइंथ और टेंथ में मेरी क्लास टीचर थीं। बहुत स्वीट थीं।
मजेदार है कि मैंने एक्टिंग की शिक्षा किसी से नहीं ली। दुनिया मेरी शिक्षक है। मैं लोगों को देखती हूं और समझती हूं। उन सभी से छोटी-छोटी चीजें लेती हूं। हम सभी में कोई न कोई खास बात होती है।
पढ़ें:सोनाक्षी ने एक गाने के लिए 6 करोड़
मम्मी ने बी पॉजीटिव की ट्रेनिंग दी। मेरी मां तो संत इंसान हैं। सभी के भले की बात सोचना और सभी को मिलाकर चलना कोई उनसे सीखे। उन्होंने हमेशा कहा कि अपना काम अच्छा करो, किसी के कहने पर ध्यान न दो। पापा ने यही कहा कि बी योर सेल्फ। वे हमेशा यूनीक रहे और यूनीक रहना सिखाया।
मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए जाएं m.jagran.com पर