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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 09, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

UP election 2017: सियासी दलों ने मतगणना से पूर्व सर्वे खारिज किया

By Nawal MishraEdited By:
Published: Thu, 09 Mar 2017 10:18 PM (IST)Updated: Fri, 10 Mar 2017 12:43 PM (IST)

यूपी विधानसभा चुनाव की मतगणना से पहले विभिन्न एजेंसियों द्वारा प्रसारित किए जा रहे सर्वे रिपोर्ट को अधिकतर दलों ने खारिज कर दिया है।

UP election 2017: सियासी दलों ने मतगणना से पूर्व सर्वे खारिज किया
UP election 2017: सियासी दलों ने मतगणना से पूर्व सर्वे खारिज किया

लखनऊ (जेएनएन)। यूपी विधानसभा चुनाव की मतगणना से पहले विभिन्न एजेंसियों द्वारा प्रसारित किए जा रहे सर्वे रिपोर्ट को अधिकतर दलों ने खारिज करते हुए अपनी-अपनी स्थिति मजबूत होने के दावे किए है। बसपा प्रदेश अध्यक्ष राम अचल राजभर ने सभी सर्वे खारिज करते हुए कहा कि बहन जी (मायावती) के नेतृत्व में ही बसपा की एक बार फिर सरकार बनेगी। राजभर ने कहा कि पूर्व के सर्वे में भी बसपा को कम ही आका गया है लेकिन नतीजे सदैव सर्वे के विपरीत रहे हैं।
कांग्रेस महासचिव व प्रवक्ता द्विजेंद्र त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि विभिन्न सर्वे रिपोर्ट प्रसारित कराना भाजपा की आखिरी चाल है। उन्होंने सर्वे रिपोर्ट को नकारते हुए कहा कि 11 मार्च को मतगणना खत्म होने के बाद ही सच्चाई जनता के सामने होगी। उन्होंने सपा कांग्रेस गठबंधन में सरकार बनने का दावा दोहराते हुए कहा कि एग्जिट पोल दिल्ली व बिहार चुनावों में हवाई सिद्ध हो चुके है। उन्होंने कहा कि जनता को राहुल व अखिलेश का साथ पसंद आया है। इसका देश की सियासत पर बड़ा असर होगा। रालोद मीडिया प्रभारी अनिल दुबे ने एग्जिट पोल को भाजपा की साजिश बताते हुए कहा कि वोटों की गिनती से पूर्व ऐसे चुनावी आंकलन का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की जनता को गुमराह करने की कोशिश पहले दिन से ही जारी है।