यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 05, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ऑड-ईवन योजना लागू होने पर महिलाओं को इस बार भी मिले छूट: मालीवाल
ऑड-ईवन फॉर्मूले के तहत निजी कारों के परिचालन में पहले की तरह महिलाओं को छूट दिए जाने की दिल्ली महिला आयोग (डीडब्ल्यूएसी) ने सरकार से सिफारिश की है।

नई दिल्ली। ऑड-ईवन फॉर्मूले के तहत निजी कारों के परिचालन में पहले की तरह महिलाओं को छूट दिए जाने की दिल्ली महिला आयोग (डीडब्ल्यूएसी) ने सरकार से सिफारिश की है। आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से छूट के खिलाफ हैं। उन्हें किसी तरह की रियायत पसंद नहीं, लेकिन इस बाबत पिछले दिनों दिल्ली की महिलाओं से जो 208 सुझाव मिले हैं, इनमें से 190 सुझावों में छूट की मांग की गई है। इसलिए उनकी सरकार से सिफारिश है कि पहले की तरह इस बार ऑड-ईवन फॉर्मूले में महिला कार चालकों को छूट दी जाए।
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मंगलवार को इस विषय पर दिल्ली के अलग-अलग इलाकों की महिलाओं की राय जानने के लिए परिवहन मंत्री गोपाल राय की अध्यक्षता में दिल्ली सचिवालय में बैठक बुलाई गई थी। इसमें तकरीबन सौ से अधिक महिलाएं आईं। इस फॉर्मूले से छूट की पैरवी कई महिलाओं ने की। वहीं कुछ ने कहा कि कोई छूट नहीं चाहिए। बैठक में मौजूद 'आप' की दो महिला विधायक बंदना कुमारी और अलका लांबा की भी राय ली गई।
शालीमार बाग से आप विधायक बंदना कुमारी ने कहा कि वह ऑड-ईवन फॉर्मूले से महिलाओं को छूट देने का विरोध करती हैं। सार्वजनिक परिवहन सेवा इतनी लचर नहीं है कि छह-सात दिन महिलाएं इसका इस्तेमाल नहीं कर सकतीं। सरकार द्वारा लागू इस फॉर्मूले से महिलाओं के सामने मौका है कि वह मजबूरी में भी बदलाव को स्वीकारें। वहीं चांदनी चौक से आप विधायक अलका लांबा ने कहा कि दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा एक बड़ा सवाल है। जब तक सार्वजनिक परिवहन सेवा बेहतर नहीं हो जाती, तब तक फॉर्मूले से महिलाओं को छूट देनी चाहिए। बैठक में संगम विहार, बदरपुर, अंबेडकर नगर से आई महिलाओं ने डीटीसी बसों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने की मांग की।
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ऑड-ईवन फॉर्मूले पर बुधवार को होगा अंतिम फैसला
परिवहन मंत्री गोपाल राय ने कहा कि राजधानी में दूसरी बार लागू होने जा रहे ऑड-ईवन फॉर्मूले को किस तरह लागू किया जाए, इस बारे मे अंतिम फैसला बुधवार को लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट की बैठक होगी। इसमें सभी पहलुओं व पूर्व अनुभव को देखते हुए अंतिम फैसला लिया जाएगा। दिल्ली महिला आयोग की तरह से जो सिफारिश आई हैं, उस पर भी चर्चा की जाएगी।
