यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 27, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मुरथल कांड में ट्रक चालक का खुलासा,'1984 के दंगों से भी खौफनाक मंजर था'
हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान मुरथल में दस महिलाओं से गैंगरेप की कथित वारदात की जांच शुरू हो ...और पढ़ें

मुरथल (सोनीपत)। हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान मुरथल में दस महिलाओं से गैंगरेप की कथित वारदात की जांच शुरू हो गई है। इस बीच, एक ट्रक चालक सामने आया है, जिसने मौके का खौफनाक मंजर बयां किया है। निरंजन नाम के इस ट्रक चालक के मुताबिक उसेके सामने महिलाओं के साथ गलत हरकतें हुईं। उनके कपड़े फाड़े गए। यह 1984 के दंगों से भी भयावह माहौल था।
उपद्रवियों के कहर के बाद गायब हुई मुरथल के ढाबों की रौनक
निरंजन नेे कहा कि वह पुलिस को बयान देने को भी तैयार है। आंदोलन के दौरान 22 फरवरी को वह भी जाम में फंस गया था और उसके ट्रक को आग लगा दी गई थी। इस दौरान उसने कई खतरनाक मंजर देखे। बकौल निरंजन, मैं 1984 के दंगे देख चुका हूं, लेकिन इतना शर्मनाक मंजर नहीं देखा। महिलाएं चिल्ला-चिल्ला कर भाग रहीं थीं और उपद्रवी उनसे बदसुलूकी कर रहे थे। उनके साथ पुरुष भी थे लेकिन उपद्रवी इतनी संख्या में थे कि कोई कुछ नहीं कर पाया। टोलियों में उपद्रव करने वाले घूमते थे और महिलाओं को जबरन खेतों की तरफ ले जाते थे। उनके पास हथियार भी थे।
जाट आंदोलन में मुरथल के पास 10 महिलाओं से दुष्कर्म पर हाई कोर्ट सख्त

मुरथल में जांच करतीं महिला पुलिस अफसरों की कमेटी प्रधान डा. राजश्री।
हर रोज सामने आ रहे हैं 'गैंगरेप' के नए 'चश्मदीद'
इसके पहले, घटना का चश्मदीद होने का दावा करने वाले फतेहगढ़ साहिब के रहने वाले मनदीप सिंह ने कहा था कि मुरथल में ढाबे के पास महिलाओं से बदसलूकी हुई थी, लेकिन उन्होंने गैंगरेप जेसी घटना नहीं देखी। दिल्ली के रहने वाले नरेंद्र कंसल का एक अखबार में बयान छपा है कि उन्होंने लोेगो से लूटपाट होते देखी, लेकिन महिलाओं से बदसुलूकी नहीं हुई थी। नरेंद्र को दिल्ली से लुधियाना जाना था लेकिन आंदोलन की वजह से वह नहीं जा पाए।
इससे पहले एक अन्य समाचार पत्र में मुरथल के पास ढाबे के मालिक के हवाले से कहा गया है कि , ’22 फरवरी को तड़के तीन बजे मेरे कर्मचारियों ने मुझे फोन करके बताया था कि महिलाएं मदद के लिए चिल्ला रही थीं। मैंने उन्हें ढाबे के अंदर ही रहने को कहा। बताया गया कि बिना कपड़ों के एक महिला सड़क पर दौड़ते हुए वहीं छिप गई जहां गले तक पानी था।'
गौरतलब है कि कथित गैंगरेप की खबर सामने आने के बाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने खुद संज्ञान लिया। इसके बाद पुलिस और हरियाणा सरकार को कड़ी फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने पीड़ित महिलाओं को सीधे सीजेएम से शिकायत करने के लिए कहा है। हाईकोर्ट ने 29 फरवरी को कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी है।
कोर्ट की फटकार के बाद हरियाणा पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। इन पर पीड़ित महिलाएं जानकारी दे सकती हैं। पीड़ित महिलाएं मोबाइल नंबर 8053882004 और फोन नंबर 0130-2222903 पर शिकायत दर्ज करा सकती हैं। साथ ही ईमेल आईडी sonipatsahyog@gmail.com पर भी जानकारी दी जा सकती है।
