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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 02, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

प्राची ने BJP से कहा,'यूपी में सीएम प्रत्याशी घोषित करो वरना होगा बिहार जैसा हाल'

By JP YadavEdited By:
Published: Fri, 02 Sep 2016 01:04 PM (IST)Updated: Sat, 03 Sep 2016 08:08 AM (IST)

हमेशा विवादित बयानों से चर्चा में रहने वाली विश्व हिंदू परिषद की फायर ब्रांड नेता साध्वी प्राची ने भाजपा से ...और पढ़ें

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गाजियाबाद (जेएनएन)। हमेशा विवादित बयानों से चर्चा में रहने वाली विश्व हिंदू परिषद की फायर ब्रांड नेता साध्वी प्राची ने भारतीय जनता पार्टी से उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री के प्रत्याशी का एलान करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि भाजपा को विधानसभा चुनाव के मद्देनजर तुरंत सीएम प्रत्याशी का एलान करना चाहिेए। उन्होंने भाजपा का आगाह करते हुए कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो भाजपा का हाल बिहार और दिल्ली विस चुनाव जैसा हो सकता है। वह आज गाजियाबाद प्रवास के दौरान पत्रकारों से मुखातिब थीं।

दो विषयों में एमए और पीएचडी करने वाली साध्वी प्राची से जब सेक्स सीडी में फंसे संदीप के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि इस पार्टी के बारे क्या कहना। हर बार यह पार्टी किसी न किसी सीडी कांड में फंसती नजर आ रही है।


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बॉलीवुड सिंगर व पूर्व आप समर्थक विशाल डडलानी के जैन मुनि महाराज तरुण सागर पर टिप्पणी करने को साध्वी ने शर्मनाक करार दिया। उन्होंने कहा कि आप नेताओं को इस तरह के बयान के लिए शर्म आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के फंडे वे मीडिया में बने रहने के लिए अपनाते हैं।

प्राची ने दिल्ली से भाजपा सांसद उदित राज पर हमला करते हुए कहा कि गोमांस खाकर ओलंपिक में गोल्ड मेडल नहीं जीते जाते, बल्कि गाय का दूध और घी खाकर जीते जाते हैं। साथ उन्होंने कहा कि भाजपा को ऐसे सांसदों को पार्टी से बाहर कर देना चाहिए।

यहां पर याद दिला दें कि दिल्ली से सांसद व BJP नेता उदित राज ने कहा था कि बोल्ट के ट्रेनर ने उन्हें बीफ खाने की सलाह दी थी और उन्होंने ओलंपिक में 9 गोल्ड जीत लिए।

जानें कौन हैं साध्वी प्राची

मूल रूप से यूपी के बागपत जिले की निवासी हैं। यहां के गांव सिरसली में एक दलित परिवार में साध्वी प्राची का जन्म हुआ। इनका पूरा परिवार आर्य समाजी है। परिवार में माता-पिता के अलावा तीन भाई और एक बहन है। ये अपने भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं. पिता हरबीर सिंह आर्य सरकारी इंटर कॉलेज में शिक्षक थे।

साध्वी प्राची ने योग और वेद विषयों में डबल एमए किया है। साध्वी ऋतम्भरा की गुरु बहन प्राची ने वेदों पर शोध किया है। डॉक्टरेट की उपाधि भी हासिल की है। सारी शिक्षा-दिक्षा गुरुकुल कांगड़ी, हरिद्वार और मुज़फ्फरनगर में हुई। वो हरियाणा के करनाल में महिला गुरुकुल कॉलेज की प्रिंसिपल भी रहीं। 1995 में प्राची ने भगवा वस्त्र पहने और साध्वी बन गई।

बरनावा (अब छपरौली) से भाजपा विधायक रहे त्रिपाल सिंह धामा को उनका राजनीतिक गुरु कहा जाता है. 2011 में बडौत में बूचड़खानों के विरोध में जैनमुनि मैत्रीपरभ सागर के साथ साध्वी ने आंदोलन किया।

2012 में भाजपा ने उन्हें पुरकाजी से टिकट दिया, लेकिन वो चुनाव हार गईं। लोकसभा चुनाव 2014 में साध्वी डॉ. प्राची को उत्तर प्रदेश के रायबरेली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा भी खूब रही थी, लेकिन उन्हें टिकट नहीं दिया गया था।

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