यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 02, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'घरेलू आय घोषणा स्कीम में मोदी सरकार ने क्या नया कर दिया'
आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार की घरेलू आय घोषणा स्कीम पर सवाल खड़े किए हैं। 'आप' का कहना है ...और पढ़ें

नई दिल्ली [जेएनएन]। भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़े हुए बड़े आंदोलन से निकली आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार की घरेलू आय घोषणा स्कीम के तहत 65,250 करोड़ रुपये के काले धन की घोषणा पर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी के प्रवक्ता दिलीप पांडेय का कहना है कि भाजपा नेता काले धन को वापस लाने के प्रति गंभीर नहीं हैं।
दिलीप पांडेय ने एक निजी चैनल से बातचीत करते हुए कहा कि 'लोकसभा चुनाव में जनता ने भाजपा को इस उम्मीद के साथ वोट दिया था कि विदेशी बैंकों में जमा काला धन देश में आएगा, इससे राष्ट्र का उत्थान होगा।अब केंद्र सरकार काले धन को सफेद करने की योजना में दिखाई दे रही है। 65 हजार करोड़ रुपये किस चीज के हैं? रिश्वतखोरी या फिरौती के होंगे। तमाम गलत धंधे करने वाले लोगों के ये पैसे हैं। केंद्र सरकार ने सभी लोगों को साधु-संत का प्रमाण पत्र दे दिया'।
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आम आदमी पार्टी काले धन उजागर करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कह रही है। पांडेय ने कहा, 'लाखों करोड़ रुपये काला धन होने की बात करने वाले सिर्फ 65 हजार करोड़ रुपये से अपनी पीठ थपथपा रहे हैं। यह भी ढाई साल बाद हुआ है। जो भी लोग देश का पैसा गलत रास्ते से विदेश भेज चुके हैं, वे देशभक्त नहीं हैं।देश के साथ गद्दारी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की जा रही। यह योजना तो पिछली सरकार ने भी शुरू की थी, मोदी सरकार ने क्या नया कर दिया?'
