यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 18, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
क्या कल मोहाली में खत्म होगा उस 'एक शतक' का सूखा..
जयपुर में कंगारुओं के खिलाफ ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाली टीम इंडिया वनडे में मोहाली के पीसीए स्टेडियम में शतक ...और पढ़ें

खेल संवाददाता, चंडीगढ़। जयपुर में कंगारुओं के खिलाफ ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाली टीम इंडिया वनडे में मोहाली के पीसीए स्टेडियम में शतक बना पाने के 'तिलिस्म' को अभी तक नहीं तोड़ पाई है। इस स्टेडियम में टीम इंडिया ने अब तक 12 मैच खेले हैं, लेकिन कोई भी भारतीय बल्लेबाज शतक नहीं लगा सका है। शनिवार को होने वाले तीसरे वनडे खेलने के लिए गुरुवार को भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीमें चंडीगढ़ पहुंचीं।
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200 टेस्ट खेलने के बाद संन्यास लेने वाले क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर ने भले ही यहां सात मैचों में 61.00 की औसत से सबसे ज्यादा 366 रन बनाए हैं, लेकिन वह भी शतक लगाने की दर्शकों की मुराद पूरी नहीं कर सके हैं। सचिन अपने शतक से महज एक रन से चूक गए थे। 8, नवंबर 2007 को पाकिस्तान के खिलाफ सचिन 99 के स्कोर पर आउट हुए थे। इस मैदान पर यह किसी भी भारतीय खिलाड़ी का सर्वाधिक स्कोर है। जयपुर में टीम इंडिया के प्रदर्शन के बाद दर्शकों की शतक बनते देखने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। सभी को उम्मीद है कि तीसरे वनडे में शिखर धवन, विराट कोहली, रोहित शर्मा और युवराज सिंह जैसे स्टार खिलाड़ियों में किसी का बल्ला बोलेगा और यहां शतक नहीं लगा पाने का तिलिस्म भी टूटेगा। सात वनडे मैचों की सीरीज के तीसरे मैच के दौरान टॉस और ओस की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। यही वजह है कि टॉस जीतने पर संभवत: कोई भी टीम बाद में बल्लेबाजी को प्राथमिकता दे सकती है।
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ओस की वजह से गेंद की ग्रिप बनाने में हमेशा ही गेंदबाजों को दिक्कतें पेश आती है। यहां कि पिच किस तरह का व्यवहार करेगी, इस पर पीसीए के क्यूरेटर दलजीत सिंह ने पत्ते खोलने से इन्कार कर दिया। हालांकि उन्होंने ओस के प्रभाव को कम करने के लिए स्प्रे के छिड़काव किए जाने की बात कही है। क्यूरेटर के मुताबिक उन्होंने पिच को नमी से बचाने के लिए पानी देना बंद कर दिया है। वैसे, देश के आम केंद्रों की तुलना में पीसीए में विकेट से गेंदबाजों को पर्याप्त उछाल मिलता है। वह भी उस स्थिति में जब उत्तर भारत में मौसम ठंड की दस्तक देने जा रहा है।
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