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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 04, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

धौनी ने आखिर ऐसा क्यूं कहा? ये मजाक था या फिर कुछ और?

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Published: Tue, 04 Jun 2013 08:57 AM (IST)Updated: Tue, 04 Jun 2013 09:07 AM (IST)

एकदिवसीय रैंकिंग में टॉप पर रहने के कारण सोमवार को जब भारतीय टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी को आइसीसी ...और पढ़ें

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कार्डिफ। एकदिवसीय रैंकिंग में टॉप पर रहने के कारण सोमवार को जब भारतीय टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी को आइसीसी शील्ड प्रदान की गई तब उन्होंने एक ऐसी बात कही, जिसे सुन सबके कान खड़े हो गए? धौनी ने शील्ड लेने के बाद आइसीसी के अधिकारी से साफ तौर पर पूछा कि 'ये ले जाऊं ना? ये बीसीसीआइ का है या मेरा है?' उनके इस बयान ने सवाल खड़ा कर दिया कि धौनी ने आखिर ऐसा क्यूं कहा? क्या उन्हें यह नहीं पता था कि यह शील्ड किसके पास रहनी है?

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हाल में आईपीएल 6 में स्पॉट फिक्सिंग के बाद धौनी ने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया था। ऐसा कहा जा रहा था कि बीसीसीआइ ने उनके मुंह पर ताला लगा दिया है। उनकी यह बात इस ओर भी इशारा करती है कि वे ऐसा कोई भी काम नहीं करना चाहते जो बीसीसीआइ को पसंद न हो, लेकिन इसके बाद कहीं ऐसा न हो जाए कि बीसीसीआइ इंग्लैंड में उनके खुलकर बोलने पर भी पाबंदी लगा दे।

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धौनी को जब यह शील्ड प्रदान की गई कि तब वे काफी खुश थे। शील्ड प्रदान करने के बाद धौनी को अलग से कुछ भी बोलने की स्वीकृति नहीं दी गई। धौनी को चांदी की शील्ड और 175000 डॉलर का चेक सौंपा गया। गौरतलब है कि टीम इंडिया आइसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी खेलने इंग्लैंड गई हुई है। मंगलवार को यहां उसे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरा वार्म-अप मुकाबला खेलना है।

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