यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 03, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
तूफानी ढंग से जीत तो गए, पर भारत की ये 3 कमियां आई सामने
चैम्पियंस ट्रॉफी खेलने इंग्लैंड गई टीम इंडिया ने श्रीलंका के खिलाफ पहला वार्म-अप मुकाबला धमाकेदार अंदाज में जीत तो लिया, ...और पढ़ें

(चंदन सिंह) नई दिल्ली। चैम्पियंस ट्रॉफी खेलने इंग्लैंड गई टीम इंडिया ने श्रीलंका के खिलाफ पहला वार्म-अप मुकाबला धमाकेदार अंदाज में जीत तो लिया, लेकिन अगर उसने अपनी इन तीन कमियों को दूर नहीं किया तो ट्रॉफी पर कब्जा जमाने में दिक्कतें आ सकती हैं। भारतीय टीम की ये तीनों कमियां वार्म-अप मुकाबले के दौरान दिखाई दीं। आइए, जानते हैं इनके बारे में :
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1. ओपनिंग : वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर की गैरमौजूदगी में टीम इंडिया के पास एकबार फिर ओपनिंग समस्या उभरकर सामने आ गई है। धौनी शिखर धवन और मुरली विजय से टीम की ओपनिंग करवाना चाहते हैं, क्योंकि उनके पास फिलहाल इससे बेहतर विकल्प मौजूद नहीं है, लेकिन इन दोनों बल्लेबाजों ने पहले वार्म-अप मुकाबले में निराश किया और 5 रन पर ही शिखर धवन के रूप में भारत को पहला झटका लग गया। मुरली विजय भी सिर्फ 18 रन बनाकर आउट हो गए। विराट कोहली और दिनेश कार्तिक की शतकीय पारी ने टीम इंडिया को संभाल लिया, लेकिन बड़े मुकाबलों में टीम के बड़े स्कोर के पीछे ओपनर बल्लेबाजों की भूमिका काफी अहम होती है। ऐसे में धवन और विजय को अपनी भूमिका समझनी होगी।
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2. गेंदबाजी : टीम इंडिया की जो दूसरी सबसे बड़ी कमी निकलकर सामने आई, वो है उनकी गेंदबाजी। टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने मैदान पर उतरी टीम इंडिया के गेंदबाजों ने काफी निराशाजनक प्रदर्शन किया। इरफान पठान और भुवनेश्वर कुमार ने अच्छी शुरुआत नहीं की। आईपीएल में शानदार गेंदबाजी करने वाले इशांत शर्मा ने भी 6.83 की औसत से रन खर्च किए। आलम यह था कि श्रीलंकाई ओपनर कुशल परेरा और तिलकरत्ने दिलशान को भारतीय गेंदबाज आउट करने में नाकाम रहे। दोनों बल्लेबाज खुद ही रिटायर्ड हो गए। अंतिम समय में इशांत शर्मा, भुवनेश्वर कुमार और अमित मिश्रा को एक-एक विकेट मिले। अगर परेरा और दिलशान रिटायर्ड नहीं होते तो भारतीय गेंदबाजों की और बुरी हालत हो सकती थी। ऐसे में ट्रॉफी में विरोधी टीमों को चुनौती देने के लिए भारतीय गेंदबाजों का लय में लौटना बहुत जरूरी है।
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3. फील्डिंग : टीम इंडिया की तीसरी बड़ी कमी उसकी फील्डिंग है। हालांकि यह कमी काफी पुरानी है, लेकिन बीच-बीच में सुधार भी देखने को मिला है। टीम इंडिया के क्षेत्ररक्षकों को कैच पर ध्यान देना होगा, क्योंकि एक कैच छोड़ना भी उन्हें भारी पड़ सकता है। श्रीलंका के खिलाफ वार्म-अप मुकाबले में विनय कुमार ने कुमार संगकारा का एक आसान सा कैच टपकाया था। इसके अलावा कई ऐसे मौके आए, जहां भारतीय क्षेत्ररक्षक रन रोक सकते थे, लेकिन वे रोक नहीं पाएं। दुनिया को अपनी मुट्ठी में करने के लिए भारतीय टीम को अपनी इन कमियों को ट्रॉफी शुरू होने से पहले खत्म करना होगा।
गौरतलब है कि पहले वार्म-अप मुकाबले में भारत ने श्रीलंका को 5 विकेट से रौंद दिया। श्रीलंका ने भारत को जीत के लिए 334 रनों का लक्ष्य दिया था। विराट कोहली (144) और दिनेश कार्तिक (नाबाद 106) के शतकों की बदौलत भारत ने लक्ष्य को एक ओवर पहले ही हासिल कर लिया।
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