यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 08, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जीएसटी भारतीय कंपनियों को बनाएगा ज्यादा प्रतिस्पर्धी: हसमुख अढिया
राजस्व सचिव हसमुख अढिया ने कहा दूसरे देशों के मुकाबले भारत में जीएसटी की नई व्यवस्था में जाना ज्यादा सहज होगा

नई दिल्ली (जेएनएन)। राजस्व सचिव हसमुख अढिया ने उम्मीद जताई है कि मौजूदा टैक्स सिस्टम से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली में बदलाव आसान होगा। उन्होंने कहा कि जीएसटी से सभी कारोबारी गतिविधियों के लिए कराधान व्यवस्थित हो जाएगा। यह घरेलू कंपनियों को प्रतिस्पर्धी बनाने में मददगार बनेगा। नई कर व्यवस्था मैन्यूफैक्चरिंग को भी बढ़ावा देगी। अढिया यहां जीएसटी पर कांफ्रेंस को संबोधित कर रहे थे।
अढिया के मुताबिक दूसरे देशों के मुकाबले भारत में जीएसटी की नई व्यवस्था में जाना ज्यादा सहज होगा। वजह, कराधान कई प्वाइंट वाला है। महंगाई में अचानक बढ़ोतरी की संभावना कम है। अढिया इस नई अप्रत्यक्ष कर प्रणाली के क्रियान्वयन की अगुआई कर रहे हैं। इनपुट क्रेडिट की अनुपलब्धता के साथ कई तरह के टैक्स लगने का मतलब था कि घरेलू स्तर पर उत्पादित वस्तुओं का आयातित सामानों की प्रतिस्पर्धा में टिकना मुश्किल होता था।
जीएसटी मल्टी प्वाइंट टैक्स है जो सहज इनपुट क्रेडिट के साथ वैल्यू एडीशन पर लगता है।
व्यापारियों को जीएसटी की ट्रेनिंग देने में इस्तेमाल हो नाइलेट: प्रसाद
सरकार कारोबारियों को जीएसटी के प्रशिक्षण कार्यक्रम में नेशनल इंस्टीट्यूट आफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (नाइलेट) का भी इस्तेमाल कर सकती है। इलेक्ट्रॉनिक व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने विभाग को नाइलेट की सुविधाओं का इस्तेमाल जीएसटी के लिए करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि वह इस संबंध में वित्त मंत्री अरुण जेटली से बात करेंगे।