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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 16, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव का तंज-बीजेपी और मीडिया को लालू जी से खास लगाव है

By Kajal KumariEdited By:
Published: Fri, 16 Jun 2017 10:42 AM (IST)Updated: Fri, 16 Jun 2017 11:05 PM (IST)

बिहार के उपमुख्यमंत्री और लालू के छोटे पुत्र तेजस्वी यादव ने अपने मन की बात श्रृंखला में कहा है कि ...और पढ़ें

डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव का तंज-बीजेपी और मीडिया को लालू जी से खास लगाव है
डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव का तंज-बीजेपी और मीडिया को लालू जी से खास लगाव है

पटना [जेएनएन]। बिहार के उपमुख्यमंत्री और लालू के छोटे पुत्र तेजस्वी प्रसाद यादव ने गुरुवार को कहा है कि बिहार में न जाने कितने पत्रकारों की नौकरी राजद प्रमुख लालू प्रसाद के नाम पर चलती है। 

तेजस्वी यादव ने दिल की बात शृंखला के तहत  कहा कि राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद और उनके परिवार से मीडिया घरानों व कर्मियों का विशेष लगाव किसी से छुपा नहीं है।

यह उसी प्रकार का लगाव है जिस तरह का भाजपा का लगाव लालू जी से है। दुःखती नब्ज वाला अहसास! न पसंद किया जाए और न नजरअंदाज किया जाए। उन्होंने कहा कि लगभग चार दशक से लालू जी राष्ट्रीय राजनीति के मजबूत स्तंभों रहे हैं।

यह बात किसी को पसंद हो या न हो, लालू जी देश की राजनीति में निर्विवाद रूप से शीर्षतम नेता बने हुए हैं। उनसे जुड़े हर सकारात्मक पहलू को छुपा देने या नजरअंदाज करने की कोशिश होती है। कुरेद-कुरेद कर छोटी-छोटी बातों को बड़ा कर सनसनी पैदा की जाती है, नकारात्मक बनाया जाता है।

पूर्वाग्रह से विवश, विरोधियों के अनर्गल आरोपों को ही अपनी भाषा बनाई जाती है। कभी उन्हें ग्वाला तो कभी मसखरा बताया गया है।

तेजस्वी ने कहा कि लालू जी सच्चे गौ पालक व गौ सेवक हैं। लेकिन दूसरों को इसी बात पर महिमामंडित करने वालों ने कभी लालू जी की इस बात पर प्रकाश नहीं डाला। आडवाणी जी के रथ को रोककर देश को सांप्रदायिक आग से बचाने वाले इस नायक को कभी अपेक्षित श्रेय नहीं मिला।

लालू जी सच्चे उपासक हैं और अत्यंत धार्मिक भी। छठपूजा पूरा परिवार मनाता है। लालू जी हर साल मकर संक्रांति के दिन हजारों गरीबों को भोजन करवाते हैं, पर सिर्फ मेहमान नेताओं के फुटेज पर ही कैमरे अटक जाते हैं।

बिहार के हंसी, ठिठोली और गीत संगीत वाली लोक लुभावन होली को लालू जी ने ही राष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय बनाया। लालू जी के घर ही पूजा उपासना के लिए मंदिर है, पर मीडिया ने कभी दिखाया?  

योगी जी की गायें कुल कितने किलो गोबर करती है, किस रंग का गोबर करती है,  यह मीडिया कर्मी को कंठस्थ है।  तेज प्रताप जी शिरडी, वृंदावन, विंध्यवासिनी या मथुरा जाते हैं तो उसे तीर्थाटन के बजाय सैर सपाटा घोषित कर दिया जाता है। 
 

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अगर लालू परिवार से कोई प्राइवेट अस्पताल में इलाज करवाएगा तो कहा जाएगा कि जनता को लचर स्वास्थ्य व्यवस्था पर आश्रित छोड़ खुद निजी अस्पताल में इलाज करवाते हैं। सरकारी अस्पताल में इलाज करवाते हैं तो कहते हैं सरकारी तंत्र का दुरुपयोग हो रहा है।  

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