ऋषि सुनक दो सालों के लिए बढ़ा सकते हैं विदेशी सहायता पर रोक, मंदी के संकेत के बाद ले सकते हैं निर्णय
ब्रिटेन में प्रधानमंत्री ऋषि सुनक आने वाले और दो वर्षों के लिए विदेशी सहायता पर रोक जारी रख सकते हैं। ब्रिटेन अपनी कुल राष्ट्रीय आय की आधा प्रतिशत धनराशि अन्य देशों को सहायता के रूप में देता है। दो वर्ष पहले ही इसे रोक दिया गया था।

लंदन, रायटर। ब्रिटेन में प्रधानमंत्री ऋषि सुनक आने वाले और दो वर्षों के लिए विदेशी सहायता पर रोक जारी रख सकते हैं। ब्रिटेन अपनी कुल राष्ट्रीय आय की आधा प्रतिशत धनराशि अन्य देशों को सहायता के रूप में देता है। लेकिन कोरोना संक्रमण के दौर में आर्थिक गतिविधियां धीमी पड़ जाने से दो वर्ष पहले इसे रोक दिया गया था। चूंकि अब यूक्रेन युद्ध के कारण ब्रिटेन और अन्य यूरोपीय देशों पर मंदी का खतरा मंडरा रहा है, ऐसे में ब्रिटेन आगामी दो वर्ष तक विदेशी सहायता पर रोक जारी रख सकता है।
विदेशी सहायता रोकने पर किया जा रहा विचार
ब्रिटेन के वित्त मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार सभी सरकारी खर्चों के विषय में प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री संसद के आगामी सत्र में जानकारी देंगे। द टेलीग्राफ अखबार के अनुसार विदेशी सहायता पर आगामी दो वर्षों (2026 और 2027) में भी रोक जारी रखने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। दो वर्ष पूर्व विदेशी सहायता रोकने का फैसला वित्त मंत्री के रूप में सुनक के कार्यकाल में ही किया गया था। अखबार की यह रिपोर्ट तब आई है जब सरकार ने टैक्स कटौती के निर्णय को रद करते हुए सरकारी खर्चों में कटौती का फैसला किया है।
सुनक ने लोकप्रियता में स्टार्मर को पीछे किया
सत्तारूढ़ कंजरवेटिव पार्टी में मची उठापटक के बीच विपक्षी लेबर पार्टी के नेता कीर स्टार्मर की लोकप्रियता बढ़ने का सिलसिला टूटा है। ऋषि सुनक के प्रधानमंत्री पद संभालने के दो दिन भीतर ही उनकी लोकप्रियता का स्तर बढ़कर 39 प्रतिशत हो गया है जबकि स्टार्मर की लोकप्रियता कम होकर 38 प्रतिशत पर आ गई है। लिज ट्रस की सरकार में वित्त मंत्री की बर्खास्तगी के बाद स्टार्मर की लोकप्रियता बढ़कर 42 प्रतिशत हो गई थी।
लिज ट्रस से निकले आगे
लोकप्रियता के मामले में वह तत्कालीन प्रधानमंत्री ट्रस से काफी आगे निकल गए थे। लेकिन अब कंजरवेटिव पार्टी को राहत मिली है। सुनक के प्रधानमंत्री बनने के बाद पार्टी की लोकप्रियता छह प्रतिशत बढ़ी है। यह जनमत रेडफील्ड एंड विल्टन ने किया है।
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