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    एलन मस्क के बेटे के नाम में भारतीय वैज्ञानिक एस. चंद्रशेखर का जिक्र, गर्लफ्रैंड शिवॉन जिलिस ने बताई वजह

    By AgencyEdited By: Piyush Kumar
    Updated: Fri, 03 Nov 2023 12:28 AM (IST)

    आईटी मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने ब्रिटेन में टेस्ला के सीईओ एलन मस्क से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मस्क के साथ की तस्वीर भी एक्स पोस्ट पर साझा की। राजीव चंद्रशेखर ने लिखादेखिए ब्रिटेन के बैलेचले पार्क में एआई सुरक्षा शिखर सम्मेलन के दौरान मेरी मुलाकात किससे हुई। भारतीय खगोलशास्त्री एस. चंद्रशेखर को भौतिक प्रक्रियाओं के सैद्धांतिक अध्ययन के लिए 1983 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला था।

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    आईटी मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने एलन मस्क के साथ तस्वीर खिंचाई और एक रोचक बात भी बताई।(फोटो सोर्स: सोशल मीडिया)

    पीटीआई, लंदन। केंद्रीय आईटी मंत्री राजीव चंद्रशेखर ब्रिटेन में आयोजित एआइ सुरक्षा सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। यहां उन्होंने टेस्ला के सीईओ एलन मस्क से मुलाकात की। इस दौरान मस्क ने आइटी मंत्री को बताया कि उन्होंने नोबल पुरस्कार विजेता भारतीय भौतिक विज्ञानी प्रोफेसर एस. चंद्रशेखर से प्रभावित होकर अपने बेटे का मध्य नाम (मिडिल नेम) चंद्रशेखर रखा है।

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    उद्यमिता, कौशल विकास, इलेक्ट्रॉनिक्स और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने एक्स पोस्ट में कहा कि अरबपति मस्क ने साझा किया कि तकनीकी उद्यम पूंजीपति शिवोन जिलिस के साथ उनके बेटे का मध्य नाम नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर के नाम पर रखा है।

    राजीव चंद्रशेखर ने एलन मस्क के साथ साझा की तस्वीर

    इस दौरान उन्होंने मस्क के साथ की तस्वीर भी एक्स पोस्ट पर साझा की। राजीव चंद्रशेखर ने लिखा,देखिए, ब्रिटेन के बैलेचले पार्क में एआई सुरक्षा शिखर सम्मेलन के दौरान मेरी मुलाकात किससे हुई।

    गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री के इस पोस्ट पर मस्क की गर्लफ्रैंड शिवॉन ऐलिस जिलिस ने रिप्लाई करते हुए लिखा,"हाहा, हां, यह सच है। हम उसे (अपने बेटे) शॉट में शेखर बुलाते हैं। यह नाम सुब्रमण्यम चंद्रशेखर के सम्मान में चुना गया था।"

    साल 1983 में एस. चंद्रशेखर को मिला था नोबेल

    भारतीय खगोलशास्त्री चंद्रशेखर ने तारों की संरचना और विकास के लिए महत्वपूर्ण भौतिक प्रक्रियाओं के सैद्धांतिक अध्ययन के लिए 1983 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार जीता था। आइटी मंत्री के पोस्ट के जवाब में जिलिस ने कहा कि हां, यह सच है। हम उन्हें संक्षेप में शेखर कहते हैं, लेकिन यह नाम हमारे बच्चों की विरासत और अद्भुत सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर के सम्मान में चुना गया था।

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