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    सबसे तेज होती है पेरग्रिन बाज की नजर, प्रति सेकंड 130 फ्रेम देख सकता है यह बाज

    By Sanjay PokhriyalEdited By:
    Updated: Tue, 24 Dec 2019 09:11 AM (IST)

    प्रति सेकंड लगभग 130 फ्रेम देख सकता है यह बाज स्वीडन के शोधकर्ताओं ने पहली बार परभक्षी पक्षियों की दृष्टि के बारे में किया शोध।

    सबसे तेज होती है पेरग्रिन बाज की नजर, प्रति सेकंड 130 फ्रेम देख सकता है यह बाज

    लंदन, प्रेट्र। पशु-पक्षियों की दुनिया में पेरग्रिन बाज की दृष्टि सबसे तेज होती है। एक अध्ययन के अनुसार, दुनिया के सबसे सामान्य परभक्षी पक्षियों में शुमार यह बाज एक सेकंड में लगभग 130 फ्रेम देख सकता है। स्वीडन की लुंड यूनिवर्सिटी सहित कई शोधकर्ताओं का कहना है कि इसकी तुलना में इंसान प्रति सेकंड अधिकतम 50-60 फ्रेम ही देख पाते हैं।

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    उन्होंने कहा कि कोई शख्स मूवी थिएटर में बतौर फिल्म प्रति सेकंड 25 छवियों की गति ही देख सकता है। वह भी उसे छवियों की शृंखला के रूप में नहीं देख सकता है। जर्नल ऑफ एक्सपेरिममेंटल बायोलॉजी में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, पेरग्रिन बाज की दृष्टि सबसे तीव्र होती है। तेज प्रकाश वाले वातावरण में उसकी दृष्टि 129 एचजेड (प्रति सेकेंड पलक झपकाना) होती है। इन्हीं परिस्थितियों में सेकर बाज 102 एचजेड और हैरिस की देखने की क्षमता 77 एचजेड होती है।

    ऐसा पहली बार है, जब वैज्ञानिकों ने परभक्षी पक्षियों की दृष्टि की गति का अध्ययन किया है। इसके लिए उन्होंने यह गणना की कि वे कितने दृश्यों का अनुभव कर सकते हैं। अध्ययन के सह लेखकों में एक लुंड यूनिवर्सिटी के एल्मट केल्बर ने कहा, ‘मेरे सहयोगी साइमन पोटियर और मैंने सेकर और हैरिस प्रजाति के बाजों का अध्ययन किया। इस दौरान यह भी गणना की कि ये कितनी तेज रोशनी में झपकी ले सकते हैं।’ शोधकर्ताओं ने कहा कि परभक्षी पक्षियों की नजर शिकार की जरूरत के हिसाब से हरकत करती है। आमतौर पर बाज तेज गति से उड़ने वाली पक्षियों का शिकार करते हैं और अपनी तीव्र दृष्टि से उन पक्षियों के सचेत होने से पहले ही उन्हें पकड़ लेते हैं।

    350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से शिकार करता है

    शोधकर्ताओं ने बताया कि हैरिस नामक बाज के पास अत्यधिक ऊंचाइयों पर शिकार करने के लिए बहुत तेज दृष्टि नहीं होती है, क्योंकि वह जमीन पर छोटे और धीमी गति वाले जानवरों का शिकार करते हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार, पेरग्रिन बाज के पास अलग-अलग दृश्यों में खुद की दृष्टि को समायोजित करने की क्षमता होती है, क्योंकि यह एक फॉर्मूला वन रेसिंग कार की गति यानी 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अपने शिकार पर हमला बोलती है।

    पिंजरे में रखे गए पक्षियों की स्थिति समझने में मिलेगी मदद

    यह अध्ययन छोटे कीटों को खाने वाली पक्षियों की देखने की क्षमता का पता लगाने के लिए किया गया है। शोधकर्ताओं ने का कहना है कि बाजों के शिकार की कला यह भी बताती है कि परभक्षी पक्षियों की दृष्टि बहुत तीव्र होती है। शोधकर्ताओं के अनुसार, इस अध्ययन से मिली नई जानकारी से कैद में रखे गए पक्षियों की स्थिति को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलेगी।