चीन के 'नये दूतावास' को लेकर गुस्से में लोग, सड़कों पर हजारों की तादाद में प्रदर्शन; जानिए क्या है वजह
लंदन में चीन का एक विशाल दूतावास प्रस्तावित है जो रॉयल मिंट कोर्ट में बनना है। लेकिन इसका विरोध शुरू हो गया है। रॉयल मिंट कोर्ट के बाहर हजारों की तादाद में लोग इकट्ठे हुए और प्रदर्शन किया। इनमें ब्रिटेन के शेडो मिनिस्टर और विपक्षी कंजरवेटिव पार्टी के सांसद भी शामिल थे। आशंका जताई गई है कि इसका इस्तेमाल जासूसी केंद्र के रूप में किया जा सकता है।

पीटीआई, लंदन। पूर्वी लंदन में प्रस्तावित चीन के विशाल दूतावास स्थल पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्रित हुए। इनमें ब्रिटेन के शेडो मिनिस्टर और विपक्षी कंजरवेटिव पार्टी के सांसद भी शामिल थे।
शेडो मिनिस्टर विपक्ष के सदस्य होते हैं, जो सरकार के काम की निगरानी करते हैं। शेडो जस्टिस सेक्रेटरी राबर्ट जेनरिक, शेडो सिक्युरिटी मिनिस्टर टाम टुगेंदहट और पूर्व टोरी नेता इयान डंकन स्मिथ शनिवार को टावर ऑफ लंदन के पास ऐतिहासिक रॉयल मिंट कोर्ट स्थल पर हांगकांगवासियों, उइगरों और तिब्बतियों का प्रतिनिधित्व करने वाले समूहों के साथ शामिल हुए।
जासूसी केंद्र बनने का डर
प्रदर्शनकारी नए दूतावास के खिलाफ विरोध दर्ज करा रहे थे। उन्हें डर है कि अगर इसे यूरोप में चीन के सबसे बड़े राजनयिक मिशनों में से एक के रूप में आगे बढ़ने की अनुमति दी गई, तो इसका इस्तेमाल जासूसी केंद्र के रूप में किया जा सकता है।
(फोटो: रॉयटर्स)
जेनरिक ने कहा कि हम नहीं चाहते कि हमारे पीछे स्थित यह ऐतिहासिक इमारत टावर ऑफ लंदन के पीछे बड़ा दूतावास बन जाए। पूर्व आवास मंत्री ने कहा कि यह गलत स्थान है। यह हमारे देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ठीक नहीं है।
(फोटो: रॉयटर्स)
चीन ने 2018 में रॉयल मिंट कोर्ट में 225 मिलियन पाउंड में 20,000 वर्ग मीटर जमीन खरीदी थी और बेकर स्ट्रीट के पास पोर्टलैंड प्लेस में अपने वर्तमान स्थान की तुलना में साइट को बहुत बड़े लंदन दूतावास में बदलने की योजना बनाई थी।
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