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    लंदन हाईकोर्ट ने दिए भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के प्रत्यर्पण के संकेत, कही यह बात

    वकीलों का कहना है कि भारत में खराब वातावरण का तनाव नीरव नहीं झेल पाएगा और वह आत्महत्या कर लेगा। भारत में उसे न्यायालय के निर्णय से पहले ही दोषी ठहराया जा रहा है। प्रेस हमलावर है और जनता नीरव के पुतले जला रही है।

    By AgencyEdited By: Arun kumar SinghUpdated: Wed, 12 Oct 2022 11:37 PM (IST)
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    लंदन हाईकोर्ट में नीरव मोदी के प्रत्यर्पण मामले की सुनवाई करते हुए। जागरण फाइल फोटो

     लंदन, प्रेट्र। भारत हमारा मित्र देश है। ब्रिटेन उसके साथ हुई प्रत्यर्पण संधि का सम्मान करता है। नीरव मोदी मामले में दिए गए भारत सरकार के आश्वासन में खामियां निकालने का कोर्ट का कोई इरादा नहीं है। कोर्ट की अपेक्षा है कि नीरव मोदी को मुंबई की आर्थर रोड जेल में पर्याप्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। यह बात लंदन हाईकोर्ट ने नीरव मोदी के प्रत्यर्पण मामले की सुनवाई करते हुए बुधवार को कही। 51 वर्षीय हीरा कारोबारी नीरव और उसका मामा मेहुल चोकसी पंजाब नेशनल बैंक से 12 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का घोटाला कर भागे हुए हैं। नीरव को ब्रिटिश पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसके प्रत्यर्पण के लिए भारत सरकार ने ब्रिटेन की कोर्ट में अर्जी दायर की है।

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    प्रत्यर्पण से बचने के लिए नीरव के वकील उठा रहे हैं भारतीय जेलों पर सवाल

    नीरव को भारत लाकर घोटाले और मनी लांड्रिंग एक्ट (अवैध तरीके से धन देश से बाहर ले जाना) के तहत मुकदमा चलाया जाना है। प्रत्यर्पण से बचने के लिए नीरव के वकील भारतीय जेलों की स्थिति और न्यायिक व्यवस्था पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। लंदन हाईकोर्ट में दो न्यायाधीशों की पीठ नीरव मोदी के खराब स्वास्थ्य और मानसिक बीमार होने पर सुनवाई कर रही है। नीरव के वकीलों का कहना है कि भारत भेजे जाने पर उनका मुअक्किल पर्याप्त चिकित्सा सुविधा न मिलने या आत्महत्या करके मर जाएगा।

    आत्‍महत्‍या करने की धमकी दे रहे हैं नीरव मोदी के वकील

    वकीलों का कहना है कि भारत में खराब वातावरण का तनाव नीरव नहीं झेल पाएगा और वह आत्महत्या कर लेगा। भारत में उसे न्यायालय के निर्णय से पहले ही दोषी ठहराया जा रहा है। प्रेस हमलावर है और जनता नीरव के पुतले जला रही है। सुनवाई करते हुए जस्टिस जेरेमी स्टुअर्ट स्मिथ ने कहा, कोर्ट भारत सरकार से मिले आश्वासन का अध्ययन कर रही है। कोशिश कर रही है कि सारी आपत्तियों के सवालों पर जवाब मिल जाएं। नीरव के नजरिये से देखा जाए तो भारत सरकार के आश्वासन विश्वास योग्य नहीं हैं। लेकिन कोर्ट को उचित रुख अपनाना है।

    जज ने कहा, हमारी अपेक्षा, भारत सरकार आश्वासन का पालन करे

    जस्टिस राबर्ट जे ने कहा, भारत हमारा मित्र देश है। हमें उसके साथ हुई प्रत्यर्पण संधि का सम्मान करना चाहिए। भारत सरकार की ओर से मामले की पैरवी कर रही क्राउन प्रोसिक्यूशन सर्विस की वकील हेलन मैल्कम ने कहा, इस हाई प्रोफाइल केस पर भारत में सबकी निगाहें लगी होंगी। इसलिए भारत सरकार ब्रिटिश कोर्ट में दिए गए आश्वासन का पूरे तौर पर पालन करेगी। नीरव मोदी के भारत पहुंचने के साथ ही उसके साथ डाक्टरों की टीम तैनात रहेगी।