लंदन, (एएनआइ)। सोशल मीडिया नेटवर्किंग साइट फेसबुक से करोड़ों लोगों का प्रोफाइल डाटा लीक कर चुनाव परिणाम के दौरान गलत इस्तेमाल करने का आरोप झेल रही कंपनी कैंब्रिज एनालिटिका बंद होने जा रही है। कैंब्रिज ने बुधवार को शटडाउन की घोषणा की है। साथ ही कंपनी ने ब्रिटेन और अमेरिका में स्वयं को दिवालिया घोषित करने के लिए भी आवेदन किया है।

ब्रिटेन में कंपनी के संस्थापक के हवाले से बुधवार को वॉल स्ट्रीट जरनल में यह रिपोर्ट प्रकाशित हुई है। वॉल स्ट्रीट जरनल के अनुसार एससीएल ग्रुप के संस्थापक निगेल ओक्स ने इस बात की पुष्टि की है कि उनकी दोनों कंपनियां बंद हो रही हैं। सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि फेसबुक संबंधी जांच को लेकर कंपनी अपने ग्राहकों को खोती जा रही है। साथ ही फेसबुक प्रकरण के ही चलते उस पर कानूनी फीस का बोझ भी बढ़ता जा रहा है। हालांकि कंपनी की ओर से फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है।

जानिए कैंब्रिज एनालिटिका के बारे में

कैंब्रिज एनालिटिका रक्षा क्षेत्र से जुड़े एससीएल ग्रुप का हिस्सा है। यह ब्रिटेन की एक बड़ी डाटा अनैलेसिस कंपनी है। कंपनी राजनीतिक और कॉर्पोरेट ग्राहकों को उपभोक्ता रिसर्च से लेकर, डाटा एनालिसिस की सेवाएं देती है। ये कंपनी चर्चा में तब आई जब इसने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डॉनल्ड ट्रंप के लिए काम किया था।

क्या है कैंब्रिज एनालिटिका से जुड़ा विवाद

उल्लेखनीय है कि फेसबुक के 8.7 करोड़ यूजर्स का डाटा चोरी कर राजनीतिक फायदे के लिए उसका उपयोग करने के आरोप लगने के बाद से कैंब्रिज एनालिटिका कंपनी विवादों में है। कैंब्रिज एनालिटिका पर फेसबुक के करोड़ों यूजर्स की निजी जानकारी का दुरुपयोग करने का आरोप है। कैंब्रिज एनालिटिका ने 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों में डोनाल्ड ट्रंप के लिए काम किया था। कंपनी ने फेसबुक यूजर्स की जानकारी का इस्तेमाल अमेरिकी चुनाव में वोटरों को प्रभावित करने के लिए किया। हाल ही में कंपनी पर यह भी आरोप लगा था कि उसने 2014 में भारत के आम चुनावों को भी प्रभावित किया था। फेसबुक ने भी स्वीकार किया था कि करोड़ो यूजर्स के डेटा में कैंब्रिज एनालिटिका ने सेंध लगाई थी। भारत सरकार ने इस मामले में कड़ा एतराज जताते हुए फेसबुक पर कार्रवाई की बात कही थी।

Posted By: Arti Yadav

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