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    ईरान के परमाणु स्थलों पर अमेरिका के हमले के बाद हाई अलर्ट पर खाड़ी देश, कुवैत में बनाए गए कई शेल्टर होम

    अमेरिका द्वारा ईरान के परमाणु स्थलों पर हमले के बाद खाड़ी देश हाई अलर्ट पर हैं। उन्हें आशंका है कि ईरान क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकता है, जिससे व्यापक संघर्ष की संभावना बढ़ गई है। खाड़ी देशों के नेताओं ने सभी पक्षों से संयम बरतने का आह्वान किया है। इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) ने इजरायल के हमलों की निंदा की है और तनाव कम करने के लिए एक संपर्क समूह बनाने का फैसला किया है।  

    By Prince Gourh Edited By: Prince Gourh Updated: Sun, 22 Jun 2025 11:43 PM (IST)
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    अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद अलर्ट पर खाड़ी देश (फोटो सोर्स- रॉयटर्स)

    रॉयटर्स, दुबई। ईरान के तीन परमाणु स्थलों पर अमेरिका के हमले के बाद खाड़ी के देश हाई अलर्ट पर हैं। इन खाड़ी देशों में कई अमेरिकी सैन्य अड्डे हैं और आशंका जताई जा रही है कि प्रतिशोध में ईरान भी इन सैन्य अड्डों को निशाना बना सकता है।

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    इजरायल और ईरान के बीच इस युद्ध में अमेरिका के कूद जाने के बाद इस क्षेत्र में व्यापक संघर्ष की संभावना बढ़ गई है। हालांकि, खाड़ी देशों के नेताओं ने सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने का आह्वान किया है।

    पिछले महीने ट्रंप ने कई खाड़ी देशों का किया था दौरा

    संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति, कतर के अमीर और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस सहित खाड़ी के नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए इस युद्ध के गंभीर प्रभावों पर चर्चा की।

    पिछले महीने इस क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इन नेताओं ने मेजबानी की थी। दुनिया का सबसे बड़ा तेल निर्यातक सऊदी अरब अमेरिकी हमले के बाद हाई अलर्ट पर है। बहरीन ने भी लोगों को सड़कों पर यातायात से बचने का आग्रह किया।

    ईरान ने दी थी चेतावनी

    एक अन्य प्रमुख तेल निर्यातक कुवैत ने कहा है कि उसकी रक्षा परिषद स्थायी सत्र में रहेगी। मंत्रालय परिसर के साथ-साथ कई स्थानों पर शेल्टर होम स्थापित किए गए हैं। गौरतलब है कि ईरान ने पहले चेतावनी दी थी कि अगर उस पर अमेरिका द्वारा हमला किया जाता है, तो वह क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकता है।

    बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का मुख्यालय है और सऊदी अरब तथा कुवैत के साथ-साथ पड़ोसी कतर और यूएई में भी अमेरिकी अड्डे हैं। उधर, सऊदी अरब और यूएई के परमाणु अधिकारियों ने कहा कि ईरान में हमलों के बाद उन्हें परमाणु विकिरण के कोई संकेत नहीं मिले हैं।

    इजरायल और ईरान संघर्ष पर विमर्श के लिए 'संपर्क समूह' बनाएंगे मुस्लिम देश

    इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) ने कहा है कि वह तनाव कम करने के प्रयासों का समर्थन करने और ईरान के खिलाफ आक्रामकता को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के साथ नियमित संपर्क स्थापित करने के लिए एक मंत्रिस्तरीय 'संपर्क समूह' स्थापित करेगा।

    इस्तांबुल में ओआइसी के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद एक संयुक्त घोषणा में 57 सदस्यीय समूह ने ईरान के खिलाफ इजरायल के हमले की निंदा की और इजरायली हमलों को रोकने की तत्काल आवश्यकता और गंभीर होते इस युद्ध के बारे में उनकी बड़ी चिंता पर बल दिया।

    हालांकि, इसमें ईरान पर अमेरिकी हमलों का कोई उल्लेख नहीं किया गया। इसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस आक्रमण को रोकने के लिए निवारक उपाय करने और अपराधों के लिए इजरायल को जवाबदेह बनाने का भी आग्रह किया।