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Russia Ukraine War: रूस से मुकाबले को जेलेंस्‍की ने दक्षिण कोरिया से मांगे हथियार, कहा- मारियुपोल में हजारों की हुई मौत

Russia Ukraine War यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने दक्षिण कोरिया की संसद को वर्चुअली संबोधित करते हुए हथियारों की मांग की है। उन्‍होंने कहा कि रूस को जंग रोकने और अपनी सेना को वापस बुलाने के लिए दबाव बनाया जाना चाहिए।

By Kamal VermaEdited By: Tue, 12 Apr 2022 11:24 AM (IST)
जेलेंस्‍की ने रूस से लड़ने के लिए दक्षिण कोरिया से मांगे हथियार

कीव (एएफपी/यानहाप)। यूक्रेन के राष्‍ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्‍की ने एक वीडियो मैसेज में कहा है कि मारियुपोल में हुए रूस के हमलों में हजारों लोगों की मौत हुई है। उन्‍होंने ये बात दक्षिण कोरिया की संसद को वर्चुअल तौर पर दिए अपने संबोधन के दौरान कही है। उन्‍होंने इस दौरान कहा कि उन्‍हें सैन्‍य मदद की जरूरत है। आपको बता दें कि यूक्रेन और रूस की जंग को दूसरा माह चल रहा है। इस दौरान यूक्रेन के करीब 40 लाख से अधिक लोगों को पड़ोसी देशों में शरण लेनी पड़ी है। 

मारियुपोल हुआ तबाह 

अपने वर्चुअल संबोधन में जेलेंस्‍की ने कहा है कि रूस के हमले में यूक्रेन का शहर मारियुपोल तबाह हो चुका है। इन हमलों में हजारों लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी रूस हमले बंद नहीं कर रहा है। उन्‍होंने आरोप लगाया कि रूस मारियुपोल को एक उदाहरण बनाना चाहता है। जेलेंस्‍की ने कहा कि उन्‍हें इस बात की कोई उम्‍मीद नहीं है कि रूस हमले बंद करेगा। उनके मुताबिक रूस ने रूस ने हमले रोकने से साफ इनकार कर दिया है। उन्‍होंने ये भी कहा कि रूस जबरदस्‍ती कर रहा है। 

जेलेंस्‍की ने हालातों की जानकारी

यूक्रेन के राष्‍ट्रपति ने दक्षिण कोरिया की संसद को यूक्रेन के मौजूदा हालातों की जानकारी दी। 15 मिनट के इस भाषण में उन्‍होंने दक्षिण कोरिया से सैन्‍य सहयोग देने की अपील की। यानहाप समाचार एजेंसी के मुताबिक इस दौरान उनके भाषण को अनुवाद किया गया। उन्‍होंने यूक्रेन की तरफ से इस खास मौके को दिए जाने पर दक्षिण कोरिया का आभार व्‍यक्‍त किया। जेलेंस्‍की ने कहा कि रूस द्वारा यूक्रेन के खिलाफ छेड़ी गई जंग को 47 दिन हो गए हैं। 

यूक्रेन के लोगों की पूंजी हुई खाक

जेलेंस्‍की ने इस मुद्दे पर मिले दक्षिण कोरिया के सपोर्ट के लिए उन्‍हें धन्‍यवाद किया और कहा कि रूस उनके ऊपर हमलों के लिए हर तरह की चीजों का इस्‍तेमाल कर रहा है। उनके मुताबिक, यूक्रेन के विभिन्‍न शहरों पर हुए रूसी मिसाइलों के हमलों में लाखों की संख्‍या में घर और इमारतें बर्बाद हुई हैं। अनेक लोगों की जान गई है। रूस के हमलों में यूक्रेन के लोगों की जमापूंजी खाक हो गई है। उन्‍होंने आरोप लगाया कि रूस ने यूक्रेन की यूनि‍वर्सिटीज, अस्‍पतालों, रेलवे स्‍टेशनों, स्‍कूलों, गैर सैन्‍य संस्‍थानों को भी निशाना बनाया है। रूस के हमलों में करीब 900 शिक्षण संस्‍‍थानों और अस्‍पतालों को नुकसान पहुंचा है। रूस ने किसी एक शहर को नहीं, बल्कि कई शहरों को निशाना बनाया है। जेलेंस्‍की ने कहा कि यूक्रेन शांति चाहता है। 

कोरियाई युद्ध का जिक्र

जेलेंस्‍की ने 1950 में हुए कोरियाई युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि उन्‍होंने भी इस तरह के युद्ध की भयावहता को देखा और झेला है। इस युद्ध में हजारों की संख्‍या में लोगों की मौत हुई थी। लेकिन इसके बाद दक्षिण कोरिया ने खुद को उबारा है और अपने पांव पर वो मजबूती से खड़ा हुआ है। उन्‍होंने ये भी कहा कि यूक्रेन से जंग को रोकने और रूसी सेना की वापसी के लिए उन पर दबाव बनाना बेहद जरूरी है। इसके लिए उन्‍हें विश्‍व बिरादरी से मदद की दरकार है। उन्‍होंने सीधेतौर पर दक्षिण कोरिया से टैंक और विमानों के सपोर्ट की बात की है।