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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रूस ने जंग में किया खतरनाक हाइपरसोनिक जिरकान मिसाइलों का इस्तेमाल, कांप गई यूक्रेन धरती

Published: Mon, 01 Apr 2024 10:30 PM (IST)

यूक्रेन ने रूस पर हाइपरसोनिक जिरकान मिसाइलों का उपयोग करने का दावा किया है। यूक्रेन के रक्षा प्रशासन ने सोमवार ...और पढ़ें

रूस ने युद्ध में हाइपरसोनिक जिरकान मिसाइलों का किया प्रयोग। (फोटो, एक्स)
रूस ने युद्ध में हाइपरसोनिक जिरकान मिसाइलों का किया प्रयोग। (फोटो, एक्स)

HighLights

  1. पुतिन ने माना जिरकान मिसाइलों का हुआ प्रयोग
  2. केएच-101 और क्रूज मिसाइलों का भी इस्तेमाल
  3. रहस्यात्मक हवाना सिंड्रोम के पीछे रूस का हाथ होने का आरोप

रॉयटर्स, कीव। यूक्रेन ने रूस पर हाइपरसोनिक जिरकान मिसाइलों का उपयोग करने का दावा किया है। यूक्रेन के रक्षा प्रशासन ने सोमवार को कहा कि रूस ने इस वर्ष के शुरुआती तीन महीनों में कीव पर हमले में पांच न्यू हाइपरसोनिक जिरकान मिसाइलों के उपयोग किए हैं। ये उन 180 मिसाइल और ड्रोन में शामिल हैं, जिनका उपयोग यूक्रेन की राजधानी पर हमले में किया गया।

समुद्र आधारित जिरकान मिसाइलों की मारक क्षमता 1000 किलोमीटर होती है और इसकी रफ्तार ध्वनि से नौ गुना अधिक होती है। सैन्य विश्लेषकों का कहना है कि हाइपरसोनिक की इस रफ्तार की वजह से दुश्मन को रक्षा करने का कम समय मिलता है। इससे लक्ष्य पर इसकी सटीकता बढ़ जाती है।

पुतिन ने माना जिरकान मिसाइलों का हुआ प्रयोग

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 29 फरवरी को राष्ट्र के नाम संबोधन में भी इसकी पुष्टि की थी कि रूस ने जिरकान मिसाइलों का प्रयोग किया है। लेकिन यह नहीं बताया था कि कब और किस स्थान पर इसका प्रयोग किया गया। उन्होंने जिरकान को नई पीढ़ी का हथियार प्रणाली बताया था।

केएच-101 और क्रूज मिसाइलों का भी इस्तेमाल

कीव प्रशासन ने इसके साथ ही यह भी कहा कि रूस ने इस साल छह अन्य प्रकार के मिसाइलों के भी प्रयोग किए। इनमें केएच-101 और क्रूज मिसाइलें शामिल हैं। रूस ने इसके अलावा युद्ध में किंजल मिसाइलों का भी प्रयोग किया। उधर, क्रेमलिन ने सोमवार को इस रिपोर्ट को खारिज कर दिया कि रहस्यात्मक हवाना सिंड्रोम बीमारी के पीछे रूसी खुफिया एजेंसी का हाथ हो सकता है। जिससे अमेरिका या दुनिया के अन्य हिस्सों के राजनयिक व जासूस पीड़ित हुए।

सिंड्रोम बीमारी में याददाश्त होती है कमजोर

इस बीमारी के लक्षणों में माइग्रेन, चक्कर आना व याददाश्त का लोप होना शामिल है। पिछले साल जारी एक अमेरिकी खुफिया जांच में कहा गया था कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस बीमारी के लिए विदेशी दुश्मन जिम्मेदार हैं। इस बीमारी की पहली रिपोर्ट 2016 में क्यूबा की राजधानी हवाना में अमेरिकी दूतावास के अधिकारियों ने की थी।

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