'हमें यूक्रेन का सरेंडर नहीं चाहिए...', व्लादिमिर पुतिन का बड़ा बयान; बोले- आजादी के अधिकार को नहीं नकारा
पुतिन ने कहा कि यूक्रेन का संघर्ष पश्चिम एशिया की स्थिति से पूरी तरह अलग है। उनसे जब मास्को की व्यापक सैन्य महत्वाकांक्षाओं के बारे में पूछा गया और पूछा गया कि क्या रूस 2022 के जनमत संग्रह के बाद शामिल किए गए क्षेत्रों से आगे बढ़ेगा, तो पुतिन ने सीधा जवाब देने से परहेज किया।
सेंट पीटर्सबर्ग अंतरराष्ट्रीय आर्थिक फोरम में पुतिन ने दिया बयान (फोटो: रॉयटर्स)
एएनआई, सेंट पीटर्सबर्ग। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि मॉस्को यूक्रेन के बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग नहीं कर रहा, बल्कि जमीन पर मौजूद वास्तविकताओं को स्वीकार करने पर पर जोर दे रहा है। सेंट पीटर्सबर्ग अंतरराष्ट्रीय आर्थिक फोरम में पुतिन से पूछा गया कि क्या रूस यूक्रेन से उसी तरह का बिना शर्त आत्मसमर्पण चाहता है, जैसी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान से मांग कर रहे हैं।
पुतिन ने कहा कि यूक्रेन का संघर्ष पश्चिम एशिया की स्थिति से पूरी तरह अलग है। उनसे जब मास्को की व्यापक सैन्य महत्वाकांक्षाओं के बारे में पूछा गया और पूछा गया कि क्या रूस 2022 के जनमत संग्रह के बाद शामिल किए गए क्षेत्रों से आगे बढ़ेगा, तो पुतिन ने सीधा जवाब देने से परहेज किया। उन्होंने अपनी बात को दोहराया कि रूसी और यूक्रेनी एक लोग हैं। मैंने कई बार कहा है कि वास्तव में रूस और यूक्रेनियन को एक ही मानता हूं। इस अर्थ में, पूरा यूक्रेन हमारा है।
पुतिन ने किए बड़े दावे
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मॉस्को ने कभी भी यूक्रेन के स्वतंत्र देश होने के अधिकार को नकारा नहीं है। पुतिन ने दावा किया कि यूक्रेनी सेना गंभीर मानव संसाधन की कमी का सामना कर रही है। उन्होंने कुर्स्क पर यूक्रेन के आक्रमण को उसके सशस्त्र बलों के लिए आपदा करार दिया। कहा कि उस ऑपरेशन में 76,000 यूक्रेनी सैनिकों की हानि हुई।
सैन्य स्थिति के मद्देनजर पुतिन ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के शांति संधि पर हस्ताक्षर करने के अधिकार पर भी संदेह जताया। इसके बावजूद, उन्होंने बातचीत में शामिल होने की इच्छा का संकेत दिया और कहा कि वे बातचीत के लिए जेलेंस्की से मिलने के लिए तैयार हैं। हस्ताक्षर वैध प्राधिकारियों द्वारा ही होनी चाहिए। अन्यथा, जो भी उनके बाद आएगा, वह इसे कचरे में डाल देगा। यह गंभीर मुद्दों को हल करने का तरीका नहीं है।
यूक्रेन के शीर्ष सैन्य कमांडर ने कहा कि 10,000 रूसी सैनिक कुर्स्क क्षेत्र में लड़ रहे हैं। इनमें लगभग 90 वर्ग किलोमीटर यूक्रेन द्वारा नियंत्रित है। रविवार को प्रकाशन के लिए उनके ओलेक्सांद्र सिरस्की ने बिना विस्तृत जानकारी दिए कहा कि हम कुर्स्क क्षेत्र के ह्लुश्कोव जिला में लगभग 90 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को नियंत्रित करते हैं। इस क्षेत्र में गतिविधि ने रूस को यूक्रेन के पूर्वी क्षेत्र डोनेत्सक में अपनी सेना की एक महत्वपूर्ण संख्या भेजने से रोका, जहां कुछ सबसे भारी लड़ाई हुई है।
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