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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 22, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ukraine Russia Crisis: रूस में नागरिकों की लामबंदी की घोषणा के खिलाफ लोगों ने किया प्रदर्शन, अब तक 1300 से अधिक लोग गिरफ्तार

By Versha SinghEdited By:
Published: Thu, 22 Sep 2022 04:19 PM (IST)

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा यूक्रेन में लड़ने के लिए नागरिकों की आंशिक लामबंदी की घोषणा की गई है। जिसके बाद ...और पढ़ें

रूस में नागरिकों की लामबंदी की घोषणा के खिलाफ लोगों ने किया प्रदर्शन
रूस में नागरिकों की लामबंदी की घोषणा के खिलाफ लोगों ने किया प्रदर्शन

यूएन, एजेंसी। रूस और यूक्रेन के बीच पिछले 7 महीनों से लगातार युद्ध चल रहा है। इस युद्ध के कराण यूक्रेन के कई शहरों को रूस ने तबाह कर दिया है। इस बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर से परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की चेतावनी को दोहराया है। उनके इस बयान पर कई देशों की प्रतिक्रियाएं आई हैं।

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा यूक्रेन में लड़ने के लिए नागरिकों की आंशिक लामबंदी की घोषणा के बाद पुलिस अधिकारियों ने मास्को में एक प्रदर्शनकारी को हिरासत में लिया। बुधवार को पूरे रूस में 1,300 से अधिक प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है।

बता दें कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को रूसी नागरिकों की तत्काल "आंशिक लामबंदी" की घोषणा की है। इस घोषणा के बाद से ही लोगों में गुस्सा है और रूस के लोग इस घोषणा का विरोध कर रहे हैं।

पुतिन ने एक भाषण में कहा था कि वह हमारे पास मौजूद सभी साधनों का इस्तेमाल करेंगे और यहां तक कि परमाणु हथियारों के खतरे को भी बढ़ाएंगे, अगर वह रूस की क्षेत्रीय अखंडता को खतरे में डालता है।

पुतिन ने कहा कि लामबंदी का मतलब है कि रिजर्व में रहने वाले नागरिकों को बुलाया जा सकता है, और सैन्य अनुभव वाले लोग भर्ती के अधीन होंगे।

मॉस्को के अभियोजक के कार्यालय ने बुधवार को चेतावनी दी कि अनधिकृत सड़क विरोध में शामिल होने के लिए इंटरनेट पर कॉल करने या उनमें भाग लेने पर 15 साल तक की जेल हो सकती है। उन पर सशस्त्र बलों को बदनाम करने, यूक्रेन में रूस के सैन्य अभियान के बारे में "फर्जी समाचार" फैलाने या नाबालिगों को विरोध करने के लिए प्रोत्साहित करने के खिलाफ कानूनों के तहत मुकदमा चलाया जा सकता है।

यूक्रेन युद्ध के बारे में "गलत सूचना" फैलाने और पुतिन विरोधी कार्यकर्ताओं के पुलिस उत्पीड़न के लिए रूस के कड़े दंड ने सार्वजनिक युद्ध-विरोधी विरोध प्रदर्शनों को दुर्लभ बना दिया है।