सस्ते से ड्रोन से Ukraine ने रूस में मचाई तबाही, कैसे पुतिन को हुआ करोड़ों का नुकसान?
यूक्रेन ने सस्ते ड्रोन और खुफिया जानकारी का उपयोग करके रूस के दो महत्वपूर्ण पुलों को नष्ट कर दिया। ये पुल बेलगोरोड क्षेत्र में रूसी आपूर्ति मार्ग के लिए अहम थे जिनका इस्तेमाल रूस विस्फोटक भंडार जमा करने के लिए कर रहा था। यूक्रेन की 58वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड ने फाइबर ऑप्टिक्स ड्रोन का उपयोग करके पुलों के नीचे छिपे एंटी टैंक माइन्स और विस्फोटकों का पता लगाया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। यूक्रेन ने सस्ते ड्रोन और खुफिया जानकारी की मदद से रूस पर धावा बोला और रूस के 2 अहम ब्रिजों को धराशाई कर दिया। रूस के बेलगोरोड क्षेत्र में यह दोनों ब्रिज रूस के सप्लाई रूट में बड़ी भूमिका निभाते थे। इन्हीं पुल की मदद से रूस इस इलाके में विस्फोटक का भंडार जमा कर रहा था।
कैसे किया हमला?
यूक्रेन की 58वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड को खार्कीव बॉर्डर के पास मौजूद एक पुल पर संवेदनशील गतिविधियों का पता चला। ब्रिगेड के एक प्रतिनिधि के अनुसार, "यह साफ हो गया कि वहां कुछ तो चल रहा है। हम ब्रिज के नीचे आम ड्रोन उड़ा नहीं सकते थे, क्योंकि वहां पहुंचते ही सिंग्नल गायब हो जाता है। इसलिए हमने फाइबर ऑप्टिक्स से लेस फर्स्ट पर्सन व्यू ड्रोन का इस्तेमाल किया।"
पुल के नीचे क्या मिला?
ब्रिज के नीचे यूक्रेन को जैकपॉट हाथ लगा। एंटी टैंक माइन्स से लेकर विस्फोटक के भंडार तक इसी ब्रिज के नीचे छिपाया गया था। ब्रिगेड के प्रतिनिधि ने बताया, "हमने माइन्स देखी और सीधे उसी पर निशाना बनाया। वीडियो में भी देखा जा सकता है कि ड्रोन हमले के बाद वहां एक भयानक धमाका हुआ।"
यूक्रेन के अनुसार,
हम यहीं नहीं रुके, पहले धमाके के बाद हमने दूसरे पुल को चेक किया, जिसके नीचे माइन्स और विस्फोटक मौजूद थे। लिहाजा, हमने दूसरे पुल को भी धराशाई कर दिया।
ड्रोन की कीमत
यूक्रेन के इन ड्रोन्स की कीमत 600-725 डॉलर (लगभग 61,000 रुपये) थी। वहीं, इससे पहले यूक्रेन ने जिन ड्रोन्स से रूस को निशाना बनाया था, उनके लिए जर्मनी 30 मिलियन डॉलर अदा किए थे। यही वजह है कि इस बार यूक्रेन ने सस्ते ड्रोन की मदद ली।
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