Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    वेनेजुएला-कोलंबिया के बीच राजनयिक विवाद पर लगा विराम, आपसी सहयोग के लिए दोनों देशों ने बढ़ाया कदम

    By Arijita SenEdited By:
    Updated: Tue, 30 Aug 2022 12:23 PM (IST)

    कोलंबियाई राजदूत अरमांडो बेनेडेट्टी ने वेनेजुएला पहुंचने के बाद वेनेजुएला के राष्‍ट्रपति निकोलस मादुरो से मुलाकात की। दोनों वेनेजुएला की राजधानी काराकास में मारियाफ्लोर्स पैलेस में एक-दूसरे से मिले और पुराने विवादों को खत्‍म करने के बारे में बात की।

    Hero Image
    वेनेजुएला और कोलंबिया के बीच नए राजनयिक संबंध स्‍थापित

    काराकास (वेनेजुएला), एजेंसी। वेनेजुएला (Venezuela) के राष्‍ट्रपति निकोलस मादुरो (Nicolas Maduro) ने कोलंबिया के नव निर्वाचित राजदूत का स्‍वागत करने के लिए सोमवार को एक समारोह का आयोजन किया था जहां वेनेजुएला और कोलंबिया (Colombia) की सरकार ने अपने बीच संबंध को सामान्‍य बनाने की दिशा में कदम उठाया। यह पद साल 2019 से राजनयिक विवाद के चलते खाली था।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    कोलंबियाई राजदूत अरमांडो बेनेडेट्टी (Armando Benedetti) ने वेनेजुएला पहुंचने के बाद मादुरो से मुलाकात की। उन्‍हें देश के नए राष्‍ट्रपति गुस्‍तावो पेट्रो (Gustavo Petro) ने पद के लिए नामित किया था। उन्‍होंने इस दौरान मादुरो के साथ पुराने विवाद को खत्‍म करने और उनकी सरकार के साथ नए संबंध स्‍थापित करने की कसम खाई।

    2018 में रिश्‍ते ने लिया मोड़

    मादुरो और बेनेडेट्टी वेनेजुएला की राजधानी काराकास (Caracas) में मारियाफ्लोर्स पैलेस में एक-दूसरे से मुलाकात की।मालूम हो कि साल 2018 में वेनेजुएला में राष्‍ट्रपति चुनाव हुए जिसमें निकोलस मादुरो दोबारा अपने छह साल के कार्यकाल के लिए चुने गए।

    इस दौरान उनके कई प्रतिद्वंद्वियों ने इस चुनाव को धोखा मानते हुए इसे खारिज करने की मांग की थी और कहा था कि चुनाव फिर से कराए जाएं। इनमें से एक अमेरिका का मजबूत सहयोगी वेनेजुएला भी था। हालांकि, उस दौरान मादुरो अपने पद पर बने रहने में कामयाब रहे थे।

    2019 में मादुरो ने भी उठाया बड़ा कदम

    बता दें कि उस दौरान राष्‍ट्रपति चुनाव में जीत हासिल करने के बाद मादुरो ने फरवरी, 2019 में सभी कोलंबियाई राजनयिकों को निष्कासित कर दिया। उनका कहना था कि कोलंबिया के पूर्व राष्ट्रपति इवान ड्यूक (Iván Duque) ने वर्षों तक उनकी सरकार को गिराने की योजना को बढ़ावा दिया है।

    इधर, ड्यूक ने भी वेनेजुएला पर अमेरिका और यूरोपीय संघ द्वारा लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों का समर्थन किया और बार-बार मादुरो पर कुछ कोलंबियाई विद्रोहियों की रक्षा करने का भी आरोप लगाया।

    इस बीच, मादुरो ने भी ड्यूक की सरकार पर कोलंबिया में लोगों को वेनेजुएला के खिलाफ साजिश रचने की अनुमति देने का आरोप लगाया।

    आपस में सीमाओं को किया बंद

    कोलंबिया और वेनेजुएला आपस में लगभग 1,370 मील (2,700 किलोमीटर) की सीमा साझा करते हैं जिसे 2019 में तस्‍करी और हिंसक घटनाओं का हवाला देते हुए वेनेजुएला ने बंद करा दिया था।

    हालांकि इससे पहले ही 2015 में मादुरो ने उस वक्‍त सीमा को सील करने का आदेश दिया था जब सीमा से लगे एक शहर में तस्‍करी विरोधी अभियान चलाने के दौरान हुए एक हमले में देश के तीन सैनिक और एक नागरिक हमले का शिकार हुए थे। हालांकि बाद में यातायात की गतिविधि फिर से शुरू हो गई थी।

    इन सभी विवादों के बाद अब कोलंबिया के पहले वामपंथी राष्ट्रपति पेट्रो और मादुरो ने सहयोग के एक नए चरण के निर्माण की इच्छा व्यक्त की है, जिसमें वाणिज्यिक यातायात के लिए सीमा पार पुलों को फिर से खोलना और इन क्षेत्रों में तनाव कम करने के लिए सैन्य सहयोग का नवीनीकरण शामिल हैं।